मंडल कारा सिमडेगा में विधिक जागरूकता शिविर: बंदियों को दी गई कानूनी अधिकारों की जानकारी
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) द्वारा रविवार को मंडल कारा परिसर, सिमडेगा में जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में बंदियों ने भाग लिया और अपने कानूनी अधिकारों, विधिक सहायता सेवाओं, तथा न्यायिक प्रक्रियाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

शिविर का मुख्य उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, प्राधिकार द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता, और न्यायिक प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर मुख्य एलएडीसीएस प्रभात कुमार श्रीवास्तव, उप मुख्य एलएडीसीएस ब्रिखभान अग्रवाल, सहायक एलएडीसीएस सुकोमल सहित अन्य अधिवक्ताओं ने बंदियों को कानूनी मार्गदर्शन प्रदान किया।

शिविर में बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, जमानत प्राप्त करने की प्रक्रिया, और कानूनी बाधाओं को दूर करने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके अतिरिक्त, उच्च न्यायालय में जेल अपील दायर करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, और समय-सीमा की जानकारी भी दी गई। बंदियों को उनके मौलिक और मानवाधिकारों, जिनका संरक्षण भारतीय संविधान करता है, के बारे में भी जागरूक किया गया।
शिविर में उपस्थित बंदियों ने न केवल ध्यानपूर्वक जानकारी सुनी, बल्कि अपनी व्यक्तिगत समस्याओं और कानूनी मामलों को भी अधिवक्ताओं के समक्ष रखा। एलएडीसीएस ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान का आश्वासन दिया। बंदियों को बताया गया कि वे अपनी समस्याओं के लिए लिखित आवेदन के माध्यम से प्राधिकार को सूचित कर सकते हैं, जिस पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पात्र बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानकारी भी दी गई।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने यह संदेश दिया कि न्याय सभी के लिए समान रूप से सुलभ होना चाहिए, चाहे वह जेल के भीतर हो या बाहर। शिविर के साथ-साथ एक स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें सदर अस्पताल की मेडिकल टीम ने बंदियों की स्वास्थ्य जांच की और निःशुल्क दवाएं प्रदान कीं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में मंडल कारा प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा। इस शिविर ने बंदियों को न केवल उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें कानूनी और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाने का अवसर भी प्रदान किया।

















