CBSE में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: चेयरमैन और सेक्रेटरी हटाए गए, पोर्टल पर साइबर अटैक से मची खलबली
The CBSE Chairman and Secretary have been transferred. An inquiry committee has been constituted to probe the procurement of On-Screen Marking (OSM) services by CBSE. pic.twitter.com/esakjV4sqv
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!— ANI (@ANI) June 2, 2026
डेस्क : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में उस समय हड़कंप मच गया जब बोर्ड के चेयरमैन और सेक्रेटरी को अचानक उनके पदों से हटा दिया गया। न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई छात्रों द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतों के बाद की गई है। शिक्षा मंत्रालय ने OSM सर्विस की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया है।
संसद तक पहुँचा OSM का विवाद
इस पूरे प्रकरण में सबसे प्रमुख चेहरा 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत बनकर उभरे हैं। मंगलवार को सार्थक सिद्धांत ने संसद की स्थायी समिति के सामने पेश होकर न केवल OSM प्रणाली की खामियों को उजागर किया, बल्कि इसके टेंडर प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताओं का दावा किया।
संसदीय समिति के सामने अपने निष्कर्ष पेश करते हुए सार्थक ने बताया कि,
“मेरे ब्लॉग के विश्लेषण के अनुसार, OSM सिस्टम में कम से कम 15 विसंगतियां हैं। मैंने उनमें से प्रमुख बिंदुओं को समिति के सामने विस्तार से रखा है।”
पोर्टल पर ‘साइबर हमला’, सिस्टम को जाम करने की कोशिश
मंगलवार सुबह जब री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के लिए पोर्टल को लाइव किया गया, तो उस पर बड़ा साइबर हमला हुआ। CBSE ने जानकारी दी कि:
मात्र 2 मिनट के अंतराल में पोर्टल पर 15 लाख से ज्यादा एक्सेस हिट्स दर्ज किए गए।
सिस्टम की संवेदनशील फाइलों तक पहुँचने के लिए एक लाख से अधिक बार अनाधिकृत प्रयास किए गए।
इन तमाम चुनौतियों और तकनीकी बाधाओं के बावजूद, छात्र अपनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटे रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहर 3 बजे तक 16,000 से अधिक छात्रों ने आवेदन दाखिल कर दिए हैं।
शिक्षा मंत्रालय की नजर: टेंडर पर मांगी सफाई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। मंत्रालय ने बोर्ड से उस प्रक्रिया पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जिसके तहत कोएम्प्ट (COEMPT) कंपनी को टेंडर आवंटित किया गया था। सूत्रों का दावा है कि मंत्रालय दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के मूड में है।
















