चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: झारखंड समेत 16 राज्यों में मतदाता सूचियों का होगा स्पेशल रिवीजन (SIR )30 मई से अभियान शुरू
डेस्क : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने गुरुवार को झारखंड, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली समेत देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन’ (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है।
30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगा अभियान
SIR का यह तीसरा फेज लगभग सात महीने तक चलेगा। इसकी शुरुआत 30 मई से होगी और समापन 23 दिसंबर को होगा। इस दौरान चुनाव आयोग का लक्ष्य लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं के डेटा का वेरिफिकेशन करना है। इस अभियान के तहत घर-घर जाकर मतदाताओं के नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच की जाएगी ताकि मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिहीन हो सके।
झारखंड और अन्य चुनावी राज्यों पर विशेष नजर
इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का सीधा असर उन राज्यों पर पड़ेगा जहाँ आने वाले समय में चुनाव होने हैं:
अगले साल चुनाव: उत्तराखंड, पंजाब और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। आयोग इन राज्यों में मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट रखना चाहता है।
झारखंड और अन्य राज्य: झारखंड समेत अन्य 13 राज्यों में चुनाव 2028 और 2029 में प्रस्तावित हैं, लेकिन लंबी अवधि की तैयारी के तहत अभी से सूचियों को दुरुस्त किया जा रहा है।
क्या होगा इस स्पेशल रिवीजन (SIR) में?
1. वोटर वेरिफिकेशन: 36.73 करोड़ वोटरों के विवरण की भौतिक रूप से जांच।
2. नए नाम जोड़ना: 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर नए युवा मतदाताओं (18+) के नाम जोड़ना।
3. गलतियों में सुधार: मृत या शिफ्ट हो चुके मतदाताओं के नाम हटाना और गलतियों को ठीक करना।
4. पारदर्शिता: फर्जी वोटिंग रोकने के लिए डुप्लीकेट एंट्रीज को खत्म करना।
पिछले चरणों का ट्रैक रिकॉर्ड
SIR के पहले और दूसरे चरण में अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जा चुका है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले रिवीज़न के बाद हुए विधानसभा चुनावों में परिणामों पर भी इसका असर देखा गया है। बिहार, पश्चिम बंगाल, पुड्डुचेरी और असम (SR के बाद) में जहाँ भाजपा ने अपनी मजबूती दिखाई, वहीं केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत दर्ज की।


















