मनरेगा की बागवानी योजना से बदल रही सिमडेगा की तस्वीर, पाकरटांड़ से यूपी भेजे गए 3 टन आम्रपाली आम

मनरेगा की बागवानी योजना से बदल रही सिमडेगा की तस्वीर, पाकरटांड़ से यूपी भेजे गए 3 टन आम्रपाली आम

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मनरेगा की बागवानी योजना से बदल रही सिमडेगा की तस्वीर, पाकरटांड़ से यूपी भेजे गए 3 टन आम्रपाली आम

शंभू कुमार सिंह 

सिमडेगा जिले के पाकरटांड़ प्रखंड में मनरेगा के तहत विकसित बागवानी योजना अब ग्रामीण किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का बड़ा माध्यम बनती जा रही है। आम उत्पादन के क्षेत्र में अब तक आयातक के रूप में पहचान रखने वाला सिमडेगा अब धीरे-धीरे निर्यातक जिले के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

उपायुक्त कंचन सिंह के निर्देश पर बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में पाकरटांड़ प्रखंड से दूसरी खेप में करीब 3 टन उन्नत किस्म के आम्रपाली आम उत्तर प्रदेश के बाजारों के लिए रवाना किए गए। इस खेप में प्रखंड के पांच लाभुक किसानों द्वारा उत्पादित आम शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार अब तक पाकरटांड़ प्रखंड से लगभग 5 टन आम्रपाली आम अंतरराज्यीय बाजारों में भेजे जा चुके हैं। वहीं अगले दो-तीन दिनों में अतिरिक्त 3 टन आम अन्य राज्यों में भेजने की तैयारी की जा रही है। किसानों को इस बार आम का मूल्य 24.50 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रहा है, जिससे उनमें उत्साह देखा जा रहा है।

पूरी प्रक्रिया की निगरानी उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी द्वारा की जा रही है। जिला प्रशासन किसानों को खरीदारों से जोड़ने, बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में लगातार समन्वय कर रहा है।

इस पहल में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी और किसान उत्पादक संगठन की भूमिका भी अहम रही है। आम की तोड़ाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित कराने में एफपीओ कर्मियों और जेएसएलपीएस कैडरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मनरेगा, जेएसएलपीएस, प्रदान संस्था और किसान उत्पादक कंपनी द्वारा किसानों को तकनीकी एवं विपणन सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

आम उत्पादक किसानों ने बताया कि लगातार आंधी-तूफान और खराब मौसम के कारण फसल को नुकसान की आशंका बनी रहती है, लेकिन जिला प्रशासन के सहयोग से बड़ी मात्रा में आम सीधे बगीचों से बाजार तक भेजे जा रहे हैं। इससे नुकसान कम हो रहा है और किसानों को बेहतर मूल्य भी मिल रहा है। किसानों ने इसके लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।

उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य किसानों को उत्पादन के साथ-साथ बेहतर बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में अधिक किसानों और महिला समूहों को इस पहल से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

वहीं उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण किसानों और महिला समूहों के लिए आय सृजन का मजबूत माध्यम बन रही है। जिला प्रशासन सिमडेगा के कृषि एवं बागवानी उत्पादों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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