नेशनल पीआर कॉनक्लेव–2025: सीसीएल ने रांची में शुरू किया जनसंपर्क का भव्य आयोजन

नेशनल पीआर कॉनक्लेव–2025: सीसीएल ने रांची में शुरू किया जनसंपर्क का भव्य आयोजन

Share
Link copied

नेशनल पीआर कॉनक्लेव–2025: सीसीएल ने रांची में शुरू किया जनसंपर्क का भव्य आयोजन

रांची : सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) ने आज अपने मुख्यालय, गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर, रांची में *नेशनल पीआर कॉनक्लेव–2025* का भव्य शुभारंभ किया। दो दिवसीय इस आयोजन का थीम “Redefining PR: From Information to Engagement in the Era of Digitilization” है, जो जनसंपर्क के बदलते स्वरूप और डिजिटल युग में इसके महत्व को रेखांकित करता है।

नेशनल पीआर कॉनक्लेव–2025: सीसीएल ने रांची में शुरू किया जनसंपर्क का भव्य आयोजन

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि विनय रंजन, निदेशक (मानव संसाधन), कोल इंडिया लिमिटेड (CIL), प्रख्यात फिल्म निर्माता व विज्ञापन गुरु प्रह्लाद कक्कड़, पद्मश्री वरिष्ठ पत्रकार बलबीर दत्त, सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह, ईसीएल के सीएमडी सतीश झा, इंडियन हेबिटेट सेंटर के निदेशक के.जी. सुरेश, आईआईएमसी की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सुरभि दहिया, केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के देव व्रत सिंह सहित कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी, जनसंपर्क विशेषज्ञ, मीडिया प्रतिनिधि, विज्ञापन जगत के दिग्गज और रांची के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं व शिक्षकगण शामिल हुए।

नेशनल पीआर कॉनक्लेव–2025: सीसीएल ने रांची में शुरू किया जनसंपर्क का भव्य आयोजन

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, कोल इंडिया के कॉर्पोरेट गीत और बच्चों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुई। सीसीएल के सीसी एंड पीआर विभाग द्वारा निर्मित फिल्म *“खामोश”* का प्रदर्शन किया गया, जिसमें जनसंपर्क के बदलते स्वरूप को दर्शाया गया।

नेशनल पीआर कॉनक्लेव–2025: सीसीएल ने रांची में शुरू किया जनसंपर्क का भव्य आयोजन

मुख्य वक्ताओं के विचार

विनय रंजन, निदेशक (मानव संसाधन), CIL : “यह कॉनक्लेव कोल इंडिया के लिए गर्व का क्षण है। नकारात्मक खबरों का जवाब सकारात्मक कहानियों से देना होगा।” उन्होंने सीसीएल और झारखंड सरकार के संयुक्त प्रयास से चल रहे JSSSP प्रोजेक्ट की भी सराहना की।

सतीश झा, सीएमडी, ECL : “पीआर केवल इमेज मैनेजमेंट नहीं, बल्कि विश्वास और रिश्तों का निर्माण है। ईमानदारी और रणनीति के साथ सकारात्मक प्रभाव बनाया जा सकता है।”

निलेंदु कुमार सिंह, सीएमडी, CCL : “सफलता साझेदारी और संवाद पर टिकी है। एआई के युग में प्रभावी संचार तब होता है, जब हम बोलें और सामने वाला समझे।”

प्रह्लाद कक्कड़ : “डर के आगे जीत है। पीआर विश्वास का सेतु है, जो संगठन और जनता को जोड़ता है। युवाओं की ऊर्जा और विचार किसी भी संगठन को नई दिशा दे सकते हैं।”

के.जी. सुरेश : “आधुनिक पीआर में तेज और जिम्मेदार प्रतिक्रिया जरूरी है। रचनात्मक कहानियां भाषा और भौगोलिक सीमाओं को पार कर प्रभाव डालती हैं।”

प्रो. डॉ. सुरभि दहिया : “लक्षित दर्शकों को समझना और इंडस्ट्री संसाधनों का उपयोग पीआर की कुंजी है।”

देव व्रत सिंह : “छात्रों के लिए जनसंपर्क और संचार क्षेत्र में अपार अवसर हैं।”

नेशनल पीआर कॉनक्लेव–2025: सीसीएल ने रांची में शुरू किया जनसंपर्क का भव्य आयोजन

सीसीएल के प्रयासों की सराहना

सीसी एंड पीआर विभाग के विभागाध्यक्ष आलोक कुमार गुप्ता ने कहा, “यह कॉनक्लेव जनसंपर्क के क्षेत्र में नई दृष्टि और दिशा प्रदान करने वाला मील का पत्थर साबित होगा।”

नेशनल पीआर कॉनक्लेव–2025: सीसीएल ने रांची में शुरू किया जनसंपर्क का भव्य आयोजन

छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया

रांची के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों व शिक्षकों ने इस आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कॉनक्लेव ने उन्हें आधुनिक जनसंपर्क की बारीकियों को समझने और अपने करियर में इसका उपयोग करने की प्रेरणा दी।

नेशनल पीआर कॉनक्लेव–2025: सीसीएल ने रांची में शुरू किया जनसंपर्क का भव्य आयोजन

आयोजन का महत्व

झारखंड में पहली बार आयोजित इस कॉनक्लेव ने जनसंपर्क को सूचना से आगे बढ़कर जुड़ाव और विश्वास का माध्यम बनाने पर जोर दिया। यह आयोजन डिजिटल युग में पीआर की नई संभावनाओं को उजागर करने का एक सशक्त मंच बन गया।

ABOUT THE AUTHOR
drishtinow

drishtinow