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जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक आपदा: वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और डोडा में बादल फटने से 30 की मौत, 22 घायल

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग के अर्धकुंवारी क्षेत्र में मंगलवार, 26 अगस्त 2025 को हुए भीषण भूस्खलन और डोडा जिले में बादल फटने की घटनाओं में कुल 30 लोगों की जान चली गई। इनमें से नौ श्रद्धालुओं की मौत कटड़ा में भूस्खलन के कारण और चार लोगों की मौत डोडा में बादल फटने से हुई। इसके अलावा, वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन की चपेट में आने से 22 श्रद्धालु घायल हुए हैं।

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श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अनुसार, अर्धकुंवारी क्षेत्र में इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास दोपहर करीब 3 बजे भूस्खलन हुआ। यह हादसा त्रिकुटा पहाड़ियों पर मंदिर तक जाने वाले 12 किलोमीटर लंबे घुमावदार मार्ग के लगभग आधे हिस्से पर हुआ। भारी बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर यात्रा मार्ग पर गिरे, जिससे कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। हादसे में नौ श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों को तुरंत कटड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और नारायणा सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने में जुटी हैं। खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हादसे के बाद वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हिमकोटि मार्ग पहले से ही बंद था, और भारी बारिश को देखते हुए पुराने मार्ग पर भी दोपहर 1:30 बजे के बाद यात्रा स्थगित कर दी गई।

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मंगलवार को बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में चार लोगों की मौत हो गई, और 10 से अधिक घर पूरी तरह तबाह हो गए। बादल फटने के कारण अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में जलमग्न कर दिया, जिससे सड़कें और पुल बह गए। नेशनल हाईवे-244 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्गों को भी भूस्खलन और बाढ़ के कारण बंद कर दिया गया है।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। कटड़ा के एसडीएम पीयूष डोटरा ने बताया कि घायलों का इलाज जारी है, और कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रभावित इलाकों का दौरा करने और स्थिति की समीक्षा करने की बात कही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

मौसम विभाग ने पहले ही जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी, उधमपुर, राजौरी, रामबन, डोडा और किश्तवाड़ जिलों में 27 अगस्त तक भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की चेतावनी जारी की थी। प्रशासन ने लोगों से नदियों और नालों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। जम्मू में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बुधवार, 27 अगस्त को बंद रखने का आदेश दिया गया है।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों से मौसम में सुधार होने तक यात्रा स्थगित करने की सलाह दी है। बोर्ड ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, “लगातार बारिश और खराब मौसम को देखते हुए, सभी यात्रियों से अनुरोध है कि वे मौसम में सुधार होने पर अपनी यात्रा की योजना पुनः बनाएं।” हेल्पलाइन डेस्क की भी व्यवस्था की गई है ताकि तीर्थयात्री आधिकारिक अपडेट प्राप्त कर सकें।

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