झारखंड में सरकारी भवनों के पुनर्विकास और जीर्णोद्धार का काम NBCC के जिम्मे , जल्द होगा MOU , फिलहाल केबिनेट से SOP जारी
झारखंड में सरकारी भवनों के पुनर्विकास और जीर्णोद्धार का काम NBCC के जिम्मे , जल्द होगा MOU , फिलहाल केबिनेट से SOP जारी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
झारखंड में सरकारी भवनों के पुनर्विकास (Redevelopment) और जीर्णोद्धार का कार्य अब नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (NBCC) के जिम्मे में आ जाएगा इसके लिए केबिनेट से SOP जारी कर दी गयी है। जल्द ही NBCC के साथ झारखंड सरकार का MOU होगा । जिसके बाद पुराने और जर्जर सरकारी भवनों (कार्यालय, आवासीय क्वार्टर, विभागीय इमारतें आदि) को आधुनिक, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले रूप में बदलने का जिम्मा NBCC का होगा ।
पृष्ठभूमि और निर्णय की वजह
झारखंड में अभी तक सरकारी भवनों की मरम्मत, जीर्णोद्धार और पुनर्विकास का काम मुख्य रूप से स्थानीय ठेकेदारों और राज्य के भवन निर्माण विभाग के माध्यम से होता रहा है। लेकिन कई मामलों में देरी, गुणवत्ता संबंधी शिकायतें और संसाधनों की कमी जैसी समस्याएं सामने आईं। इसके चलते राज्य सरकार ने NBCC (India) Limited को यह जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है। NBCC भारत सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के अधीन एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (CPSE) है, जिसकी विशेषज्ञता बड़े पैमाने पर निर्माण, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) और सरकारी संपत्तियों के पुनर्विकास में है।सरकार ने इससे जुड़े SOP (Standard Operating Procedure) जारी कर दिए हैं और NBCC के साथ MoU (समझौता ज्ञापन) करने की प्रक्रिया पूरी होने वाली है। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और उच्च निर्माण मानक सुनिश्चित होंगे।
NBCC की विशेषज्ञता और पूर्व अनुभव
NBCC ने देशभर में कई सफल पुनर्विकास परियोजनाएं पूरी की हैं, जैसे:दिल्ली में किदवई नगर, नेताजी नगर, सरोजिनी नगर जैसी सरकारी कॉलोनियों का आधुनिकीकरण।
गोवा में सरकारी भवनों (जैसे जंटा हाउस आदि) का पुनर्विकास (₹10,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं)।
अन्य राज्यों में अस्पताल, इंजीनियरिंग कॉलेज, पुलिस हाउसिंग और PSU संपत्तियों का विकास।
झारखंड में पहले से ही NBCC ने कई प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं, जैसे इंजीनियरिंग कॉलेज, पुलिस हाउसिंग और कोल इंडिया से जुड़े कार्य।
NBCC की ताकत यह है कि वह सेल्फ-फाइनेंसिंग मॉडल पर भी काम कर सकती है, जहां सरकारी खजाने पर बोझ कम पड़ता है और राजस्व सृजन से परियोजनाएं चलती हैं।
झारखंड सरकार का उद्देश्य
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार का मानना है कि NBCC की राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता से:भवनों की गुणवत्ता और टिकाऊपन में भारी सुधार होगा।
पुरानी इमारतें आधुनिक सुविधाओं (जैसे ऊर्जा-कुशल डिजाइन, स्मार्ट सिस्टम, बेहतर सुरक्षा) से लैस होंगी।
निर्माण में देरी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।
राज्य की सरकारी संपत्तियों का बेहतर उपयोग होगा, जिससे नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
क्या होगा आगे?
जल्द ही सरकार प्रभावित सरकारी भवनों की प्राथमिकता सूची जारी कर सकती है। शुरुआत में पुराने विभागीय भवनों, आवासीय क्वार्टरों और महत्वपूर्ण कार्यालयों पर फोकस होगा। NBCC पहले फीजिबिलिटी स्टडी करेगा, फिर डिजाइन और निर्माण कार्य शुरू करेगा।यह फैसला झारखंड के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में नया अध्याय जोड़ेगा और राज्य को आधुनिक भारत के लक्ष्य से जोड़ेगा।

















