NEET-UG विवाद: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रधानमंत्री को सौंपा त्यागपत्र

नई दिल्ली: देशभर में NEET-UG परीक्षा में हुई अनियमितताओं और उसके बाद उपजे भारी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजते हुए स्पष्ट किया है कि देश के युवाओं और छात्रों का उज्ज्वल भविष्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पत्र में सामने आईं प्रमुख बातें
छात्रों का भविष्य सर्वोपरि: धर्मेंद्र प्रधान ने अपने त्यागपत्र में लिखा कि वे नहीं चाहते कि विद्यार्थी किसी भी तरह की कानूनी पेचीदगियों या राजनीतिक भ्रमजाल में फंसकर अपना कीमती समय बर्बाद करें।
परीक्षा से जुड़े कड़े कदम: पत्र में उल्लेख किया गया है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने तत्परता दिखाते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद 21 जून को परीक्षा दोबारा सफलतापूर्वक आयोजित कराई गई।
भविष्य के लिए बड़े बदलाव: भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को पूरी तरह रोकने के लिए अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा को CBT (Computer-Based Test) मोड में कराने का अहम फैसला लिया गया है।
राष्ट्रहित और सुरक्षा का हवाला: जंतर-मंतर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और माहौल पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि कोई भी ताकत युवाओं के असंतोष का अनुचित लाभ उठाए। विद्यार्थियों का ध्यान अदालती चक्करों के बजाय पूरी तरह अपनी पढ़ाई और करियर पर होना चाहिए।
सहयोगियों और प्रधानमंत्री का आभार
अपने चार दशकों से अधिक के शैक्षणिक व सामाजिक जीवन का स्मरण करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्रसेवा का अवसर मिलने के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने मंत्रिपरिषद के अपने सहयोगियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी धन्यवाद किया। पत्र के अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि प्रभु श्रीजगन्नाथ के आशीर्वाद से वे आगे भी देश और युवाओं की सेवा में समर्पित रहेंगे।
















