एक बार फिर से नीतीश कुमार: दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ, लेकिन सबसे लंबी पारी का सपना अधूरा
नवीन कुमार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पटना : बिहार की राजनीति में उतार-चढ़ाव का प्रतीक बने नीतीश कुमार एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार हैं। 20 नवंबर 2025 को वे दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जो स्वतंत्र भारत में किसी राज्य के मुख्यमंत्री के लिए सबसे अधिक शपथों का रिकॉर्ड होगा। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की 2025 विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद यह औपचारिकता मात्र बाकी है। हालांकि, सबसे अधिक समय तक सेवा करने का सपना अभी भी दूर की कौड़ी बना हुआ है। आइए जानें, नीतीश कुमार के कार्यकालों का पूरा विवरण और राष्ट्रीय स्तर पर सबसे लंबी पारी खेलने वाले मुख्यमंत्रियों से तुलना।
नीतीश कुमार ने 3 मार्च 2000 को पहली बार मुख्यमंत्री पद संभाला था, लेकिन उनका शुरुआती कार्यकाल महज सात दिन का रहा। उसके बाद गठबंधन राजनीति के कई दौर देखे, जिसमें भाजपा से नाता तोड़ना और फिर जोड़ना शामिल रहा। 18 नवंबर 2025 तक उनके कुल नौ कार्यकालों में लगभग 19 वर्ष (करीब 6,935 दिन) की सेवा हो चुकी है, जो बिहार का रिकॉर्ड है। लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर वे अभी पांचवें स्थान पर हैं।
नीतीश कुमार के सभी कार्यकाल: एक नजर
अवधि (वर्ष + दिन)
1)
3 मार्च 2000
10 मार्च 2000
7 दिन
2)
24 नवंबर 2005
24 नवंबर 2010
5 वर्ष
3)
24 नवंबर 2010
17 मई 2014
3 वर्ष + 174 दिन
4)
22 फरवरी 2015
26 जुलाई 2017
2 वर्ष + 154 दिन
5)
27 जुलाई 2017
16 नवंबर 2020
3 वर्ष + 112 दिन
6)
16 नवंबर 2020
10 अगस्त 2022
1 वर्ष + 267 दिन
7)
10 अगस्त 2022
28 जनवरी 2024
1 वर्ष + 171 दिन
8)
28 जनवरी 2024
18 नवंबर 2025 तक
1 वर्ष + 294 दिन (चल रहा)
कुल (18 नवंबर 2025 तक)
कुल लगभग 19 वर्ष
20 नवंबर को दसवीं शपथ के बाद अगर वे पूरे पांच वर्ष (2025-2030) सत्ता में रहते हैं, तो कुल सेवा अवधि 24 वर्ष के आसपास पहुंच सकती है। यह सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के रिकॉर्ड के करीब होगी, लेकिन उन्हें पीछे छोड़ना अभी मुश्किल लगता है।
स्वतंत्र भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री
स्वतंत्र भारत में कुल सेवा अवधि के आधार पर टॉप पांच मुख्यमंत्री इस प्रकार हैं। नीतीश कुमार फिलहाल पांचवें स्थान पर हैं:
|1)
पवन कुमार चामलिंग
सिक्किम
24 वर्ष + 165 दिन
लगातार 5 टर्म्स; भारत का सबसे लंबा रिकॉर्ड
2)
नवीन पटनायक
ओडिशा
24 वर्ष + 99 दिन
लगातार 5 टर्म्स (2000-2024); 2024 में सत्ता से बाहर
3)
ज्योति बसु
पश्चिम बंगाल
23 वर्ष
लगातार 5 टर्म्स (1977-2000)
4)
गेगॉन्ग अपांग
अरुणाचल प्रदेश
22 वर्ष
5)
नीतीश कुमार
बिहार
लगभग 19 वर्ष (2025 तक)
बिहार का सबसे लंबा, राष्ट्रीय स्तर पर 5वें स्थान पर
पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड अब तक अटूट है, जिन्होंने सिक्किम को 24 वर्षों तक लगातार संभाला। नवीन पटनायक 2024 में सत्ता से बाहर हो गए, लेकिन उनका 24 वर्ष का कार्यकाल दूसरा सबसे लंबा है। ज्योति बसु ने वाम मोर्चा के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल को 23 वर्षों तक चलाया, जबकि गेगॉन्ग अपांग ने अरुणाचल प्रदेश में दो चरणों में 22 वर्ष सेवा की।
क्या नीतीश रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे?
अगर नीतीश कुमार दसवां कार्यकाल पूरा करते हैं, तो वे अपांग और बसु को पीछे छोड़ देंगे, लेकिन चामलिंग के रिकॉर्ड के लिए 2030 के बाद एक और कार्यकाल की जरूरत होगी। 74 वर्ष की उम्र, स्वास्थ्य चुनौतियां और गठबंधन की अनिश्चितताएं इसकी राह में बाधा बन सकती हैं। फिर भी, दसवीं शपथ का रिकॉर्ड उनके नाम होगा, जो बिहार की राजनीति में उनकी मजबूती को दर्शाता है।
एनडीए की इस जीत ने बिहार को स्थिरता का संकेत दिया है, लेकिन भविष्य में क्या होगा, यह समय ही बताएगा। नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ वाली कहानी की तरह रही है गठबंधन बदलते रहे, लेकिन सत्ता बनी रही। बिहारवासी उम्मीद करते हैं कि यह नया कार्यकाल विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

















