फर्जी राशनकार्ड मामलें के उजागर को लेकर पीडीएस (PDS)दुकान संचालक के पुत्र ने रची थी सरोज हत्याकांड की साजिश

फर्जी राशनकार्ड मामलें के उजागर को लेकर पीडीएस (PDS)दुकान संचालक के पुत्र ने रची थी सरोज हत्याकांड की साजिश

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हँसडीहा/दुमका:अभिषेक कुमार”प्रफुल्ल”(PDS)

–पुलिस ने पगवारा गाँव के पवन यादव को गिरफ्तार कर भेजा जेल
–मुख्य साजिशकर्ता और बिहार के शातिर अपराधी अब भी फरार
हंसडीहा के चर्चित सरोज मंडल हत्याकांड में रविवार को हंसडीहा पुलिस ने थानाक्षेत्र के ही पगवारा गाँव से ऋषि कुमार उर्फ पवन यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामलें की जानकारी देते हुए हंसडीहा थाना प्रभारी आकृष्ट अमन ने बताया की सरोज की हत्या फर्जी राशनकार्ड के मामलें को लेकर अंजाम दिया गया था। थाना प्रभारी ने बताया की क्षेत्र के एक पीडीएस डीलर के द्वारा बड़े पैमाने पर फर्जी राशनकार्ड बना लिया गया है, जिसे लेकर पगवारा के ही एक व्यक्ति के द्वारा एमओ को इसकी जानकारी दी गई थी और इसकी जाँच भी आपूर्ति पदाधिकारी के द्वारा की जा रही थी जिसमें सरोज मंडल विभाग की मदद कर रहा था और यहीं बात उक्त पीडीएस दुकान संचालक के पुत्र को नागवार गुजरी जो हत्या की वजह बनी। उक्त पीडीएस दुकान संचालक के पुत्र को यह लग रहा था की सरोज मंडल ने ही उसके फर्जीवाड़े की पोल खोल दी है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्याकांड में संलिप्त पगवारा गाँव के पवन यादव को जब गिरफ्तार किया तो उसने हत्याकांड में शामिल शातिरों का नाम पुलिस के सामने उगल दिया। थाना प्रभारी ने बताया क़ी हत्याकांड को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया है। हत्याकांड में शामिल अपराधी अलग अलग खेमों में बंट शाम को ही हत्याकांड को अंजाम देने के लिए पहुँच गयें थे, जैसे ही सरोज मंडल हंसडीहा से धनवे अपने घर के लिए निकला तो दोनों तरफ से पहले से घाट लगाएं अपराधियों ने उसे रोक उसका मुंह दाब उसपर लौहे के रड से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। जब अपराधियों को लगा की सरोज मर गया है तो सभी अलग अलग दिशा से फरार हो गए ताकि किसी को कोई शक न हो।
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हत्याकांड में प्रयुक्त हथियार बरामद
हंसडीहा पुलिस ने गिरफ्तार पवन की निशानदेही पर हत्याकांड में प्रयुक्त लोहे के रड को बरामद कर लिया है। जानकारी यह भी है की हमलवारों ने लोहे के रड से उसपर बुरी तरह से वार करने के बाद गोली भी चलाई थी। लेकिन गोली सरोज के जैकेट को छूते हुए निकल गई। पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर उसके जैकेट को भी सील कर दिया है। बताया जाता हैं की हत्याकांड को अंजाम देने से पहले सभी ने जमकर शराब का सेवन किया था।
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बिहार के अपराधियों के साथ कई स्थानीय ने मिलकर दिया हत्याकांड को अंजाम
सरोज मंडल हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बिहार के कई शातिर अपराधियों को बुलाया गया था। बिहार से आये अपराधियों को एक लाख रुपये की सुपारी दी गई थी, हत्याकांड में बिहार के साथ साथ कई स्थानीय युवक भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों को मुख्य साजिशकर्ता का नजदीकी बताया जाता हैं। थाना प्रभारी ने बताया की हत्याकांड को अंजाम देने वाले सभी अपराधी जल्द गिरफ्तार कर लिए जायेंगे।
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हत्या के वक्त सरोज गाँव की एक महिला से कर रहा था बात
सरोज पर जब हमला हुआ था उस वक्त सरोज गाँव की ही एक महिला से मोबाईल पर बात कर रहा था, उक्त महिला ने ही सबसे पहले गांववालों को इसकी जानकारी दी थी। गाँव से जब लोग महिला की सूचना पर घटनास्थल की ओर जाने लगे तो सभी अपराधी अलग अलग दिशा में भाग निकलें। बिहार के अपराधी रात को ही भागलपुर पेशेंजर ट्रेन में सवार हो निकल पड़े। जब स्थानीय अपराधी मोबाईल स्वीच ऑफ कर अलग अलग जगहों पर छिप गए।
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