दिवाली से पहले पीएम मोदी की अपील, त्योहारों में स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को दें प्राथमिकता
पूर्णिया का मखाना ग्रीस पहुंचा, कर्नाटक की अरहर दाल मालदीव तक; ‘वोकल फॉर लोकल’ से स्वदेशी उत्पादों को मिल रहे नए बाजार
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली और छठ पर्व से पहले देशवासियों से स्थानीय कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की है। रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए सामान खरीदने से उनके हौसले बढ़ेंगे और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान की भावना भारतीय उत्पादों को दुनिया के बाजारों तक पहुंचा रही है।
पूर्णिया का मखाना पहुंच रहा ग्रीस
प्रधानमंत्री ने स्थानीय उत्पादों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुंच का उदाहरण देते हुए बिहार के पूर्णिया के मखाने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पूर्णिया का मखाना अब ग्रीस तक पहुंच रहा है। वहीं, कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव में निर्यात की जा रही है। इन उदाहरणों के जरिए उन्होंने बताया कि स्थानीय कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर खुल रहे हैं।
उत्पादों की पैकेजिंग पर भी जोर
पीएम मोदी ने कहा कि किसी उत्पाद की गुणवत्ता के साथ उसकी पैकेजिंग भी महत्वपूर्ण होती है। आकर्षक पैकेजिंग से ग्राहक उत्पाद की ओर आकर्षित होते हैं और उसकी पहचान बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने महाराष्ट्र के आदिवासी समुदायों की पहल ‘शबरी नेचुरल्स’ का जिक्र किया। इसके माध्यम से शहद, महुआ, चिरौंजी और बांस से बने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। इन उत्पादों की पैकेजिंग में आदिवासी कला की झलक दिखाई देती है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस पैकेजिंग को जापान का प्रतिष्ठित ‘गुड डिजाइन अवॉर्ड’ भी मिला है।
एक दिन में 28 करोड़ रुपये से अधिक की खादी बिक्री
प्रधानमंत्री ने खादी और हस्तशिल्प उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गांधी जयंती पर खादी ग्रामोद्योग के उत्पादों की बिक्री एक दिन में 28 करोड़ रुपये से अधिक रही। यह पिछले वर्ष की तुलना में 1.5 करोड़ रुपये ज्यादा है। उन्होंने कहा कि खादी और हस्तशिल्प जैसे उत्पादों के पीछे कारीगरों की मेहनत, कौशल और परंपरा जुड़ी होती है। स्थानीय उत्पादों की खरीद से इन कारीगरों की आजीविका को सहारा मिलता है।
‘वोकल फॉर लोकल’ से आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से त्योहारों की खरीदारी के दौरान स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों की यह पहल कारीगरों का उत्साह बढ़ाएगी और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आगे ले जाएगी। पीएम मोदी के मुताबिक, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। त्योहारों के इस मौसम में उनका संदेश स्पष्ट है कि खरीदारी करते समय स्थानीय हुनर, स्वदेशी सामान और देश के कारीगरों की मेहनत को महत्व दिया जाए।
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