झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मचारियों का आंदोलन 6 नवंबर तक स्थगित, मांगें पूरी नहीं हुईं तो 18 नवंबर से हड़ताल
स्वास्थ्य सचिव के साथ वार्ता में कई मुद्दों पर बनी सहमति, वेतन भुगतान, सेवा सुरक्षा और मनमानी बर्खास्तगी पर रोक लगाने की मांग
रांची: झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों के आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह के साथ हुई वार्ता के बाद झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने 6 नवंबर तक आंदोलन स्थगित रखने का निर्णय लिया है। हालांकि, संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि इस अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 18 नवंबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, वेतन भुगतान, श्रम संबंधी सुविधाओं और अन्य लंबित मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई। वार्ता में कई मुद्दों पर सहमति बनने के बाद संघ ने सरकार को समाधान के लिए समय देने का फैसला किया।
मनमानी बर्खास्तगी रोकने की मांग
बैठक में संघ ने कर्मचारियों की मनमानी बर्खास्तगी पर रोक लगाने और इस संबंध में मिली शिकायतों की जांच कराने की मांग रखी। संघ का कहना है कि शिकायतों की जांच राज्य की एनएचएम टीम, संबंधित जिले के सिविल सर्जन और कर्मचारी संघ की भागीदारी में कराई जानी चाहिए, ताकि मामले की निष्पक्ष समीक्षा हो सके। वेतन भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कर्मचारियों के वेतन से मनमानी कटौती रोकने के लिए एस्क्रो अकाउंट की व्यवस्था पर भी सहमति बनी। संघ के मुताबिक, इससे वेतन भुगतान की निगरानी करने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने में मदद मिलेगी।
एंबुलेंस में बायोमेट्रिक व्यवस्था पर चर्चा
बैठक में एंबुलेंस कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक उपकरण लगाने का मुद्दा भी उठा। इसके अलावा नई बहाली से पहले एनएचएम की अनुमति आवश्यक होने तथा वर्तमान एंबुलेंस टेंडर में सुधार करने या उसे निरस्त कर नए सिरे से टेंडर जारी करने के विकल्पों पर भी चर्चा हुई।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि कंपनी की ओर से किसी कर्मचारी के खिलाफ अनुचित कार्रवाई किए जाने पर 72 घंटे के भीतर राज्यव्यापी हड़ताल को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
बीमा और बोनस जैसी सुविधाओं पर भी चर्चा
कर्मचारियों को बीमा, बोनस और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी सकारात्मक बातचीत हुई। संघ का कहना है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों का स्थायी समाधान जरूरी है, ताकि एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मियों को नौकरी की सुरक्षा और समय पर वेतन मिल सके। फिलहाल वार्ता के बाद आंदोलन 6 नवंबर तक स्थगित है। अब सभी की नजर स्वास्थ्य विभाग की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में 18 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जा सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती सिस्टम, झारखंड में 27 से 30 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट
रांची समेत राज्य के कई जिलों में दिखेगा असर, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी; तेज हवा और वज्रपात को लेकर भी…

रांची सहित पूरे झारखंड में आज का मौसम: साफ से आंशिक बादल छाए रहेंगे, बारिश की कोई संभावना नहीं
रांची: झारखंड में आज मौसम काफी अनुकूल रहने वाला है। रांची समेत राज्य के अधिकांश इलाकों में साफ से आंशिक बादल छाए…

















