झारखंड में ट्रैफिक चालान वसूली पर सवाल: सरकारी पोर्टल फेल, 150 रुपये के चालान के लिए निजी पोर्टल पर 350 रुपये तक खर्च
ऑनलाइन भुगतान में तकनीकी बाधा से वाहन मालिक परेशान, चालान जमा करने के लिए काउंटर पर लगानी पड़ रही कतार
रांची: झारखंड में ट्रैफिक ई-चालान के ऑनलाइन भुगतान को लेकर वाहन मालिकों की परेशानी सामने आई है। सरकारी पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों के कारण चालान का भुगतान नहीं हो पाने से लोगों को दूसरे माध्यमों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस प्रक्रिया में निर्धारित चालान राशि के अतिरिक्त अधिक पैसे खर्च करने की शिकायतें भी सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में ट्रैफिक पुलिस हर महीने औसतन 1,02,357 चालान काट रही है। इसके बावजूद चालान की राशि जमा करने की ऑनलाइन व्यवस्था में परेशानी बनी हुई है। रिपोर्ट में 150 रुपये के चालान के भुगतान के लिए निजी पोर्टल पर 350 रुपये तक खर्च करने की बात सामने आई है।
सरकारी पोर्टल पर भुगतान में आ रही परेशानी
ई-चालान व्यवस्था का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है। लेकिन जब सरकारी पोर्टल पर भुगतान नहीं हो पाता, तो वाहन मालिकों को चालान जमा करने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाशने पड़ते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑनलाइन भुगतान की कोशिश के बावजूद कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मामलों में लोगों को चालान की राशि जमा करने के लिए ट्रैफिक कार्यालय के काउंटर तक पहुंचना पड़ रहा है। इससे उनका समय भी बर्बाद हो रहा है।
150 रुपये के चालान के लिए 350 रुपये तक का खर्च
रिपोर्ट का सबसे अहम पहलू चालान भुगतान पर आने वाला अतिरिक्त खर्च है। 150 रुपये के चालान के लिए निजी पोर्टल के माध्यम से 350 रुपये तक खर्च करने की बात कही गई है। इससे वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है।हालांकि, निजी पोर्टल पर लिए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क का पूरा विवरण और संबंधित पोर्टलों की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। इसलिए भुगतान से पहले शुल्क की जानकारी और पोर्टल की प्रामाणिकता की जांच करना महत्वपूर्ण है।
काउंटर पर भी लगानी पड़ रही कतार
ऑनलाइन भुगतान में परेशानी होने पर लोगों को कार्यालय के काउंटर पर चालान की राशि जमा करने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। डिजिटल व्यवस्था के बावजूद यदि लोगों को बार-बार कार्यालय पहुंचना पड़े, तो ऑनलाइन सेवा का उद्देश्य प्रभावित होता है। ऐसे में सरकारी पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को दूर करना, भुगतान की स्थिति स्पष्ट दिखाना और शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था करना जरूरी है।
वाहन मालिक क्या करें?
झारखंड के वाहन मालिक अपना ई-चालान और भुगतान की स्थिति केंद्र सरकार के आधिकारिक ई-चालान पोर्टल पर जांच सकते हैं।
आधिकारिक ई-चालान पोर्टल: https://echallan.parivahan.gov.in/
– चालान की राशि और विवरण की पुष्टि करने के बाद ही भुगतान करें।
– भुगतान अटकने पर दोबारा भुगतान करने से पहले ट्रांजैक्शन की स्थिति जांचें।
– भुगतान की रसीद और ट्रांजैक्शन आईडी सुरक्षित रखें।
– किसी अनजान लिंक या संदिग्ध वेबसाइट पर वाहन संबंधी जानकारी और भुगतान विवरण साझा न करें।
व्यवस्था सुधारने की जरूरत
ई-चालान व्यवस्था तभी प्रभावी होगी, जब वाहन मालिकों को बिना अनावश्यक परेशानी के चालान की जानकारी मिले और भुगतान की सुविधा सुचारु रूप से काम करे। सरकारी पोर्टल पर तकनीकी बाधाओं और निजी माध्यमों से भुगतान में अतिरिक्त खर्च की शिकायतों की जांच कर संबंधित विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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