जामताड़ा सदर अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल, गर्भवती की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन

जामताड़ा: जामताड़ा सदर अस्पताल से रेफर की गई एक गर्भवती महिला की रास्ते में मौत हो जाने के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई।
परिजनों का आरोप है कि गर्भवती महिला के इलाज में देरी की गई और समय पर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित चिकित्सा व्यवस्था मिल जाती तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता मनतोष कुमार महतो ने घटना को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मनतोष कुमार महतो ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा सुविधा, पर्याप्त संसाधन और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर असंतोष देखा जा रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

















