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RANCHI : बैंकऑफ़ इंडिया के मैनेजर ने किया सूइसाइड 5 पन्नो का सूइसाइड नोट छोड़ा चिट्ठी में आत्महत्या का पुलिस सहित तीन लोगो को जिम्मेवार माना

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RANCHI : रांची में एक बैंक मैनेजर ने सूइसाइड कर लिया है। वो बैंक ऑफ़ इंडिया में कार्यरत थे। फ़िलहाल वो रांची अनंतपुर स्ट्रीट चार रहते थे। जानकरी के मुताबिक उसकी पहचान सुप्रियो मजूमदार के रूप में हुई है। सुपरयो मजूमदार ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड करने के पहले उन्होंने पांच पन्ने का सुसाइड नोट छोड़ा है। जिसमे उन्होंने अपने आत्महत्या का जिम्मेदार तीन लोगो को माना है। पुलिस ने उसे सूइसाइड नोट बरामद कर लिया है। वहीं इस मामले में चुटिया थाने की पुलिस जांच में जुटी है।

सूइसाइड  करने वाले बैंककर्मी सुप्रियो मजूमदार BOI में काम करते थे। अब तक मिली जानकारी के अनुसार उनकी कुछ ही साल पहले शादी हुई थी। उसकी पत्नी के अलावा BOI से ही रिटायर्ड पिता आलोक मजूमदार और बहन हैं। अपने सुसाइड नोट में SUPRIYO MAJUMDAR ने अपने पिता, पत्नी और बहन को अलग-अलग संबोधित करते हुए बताया है कि जिस वजह से वह सुसाइड कर रहा है, उस मामले में वह पूरी तरह से बेकसूर है। उसे जानबूझ कर प्रताड़ित किया जा रहा है।

सुप्रियो मजूमदार ने जो 5 पन्ने का नोट छोड़ा है, उसमें पूरी बात बतायी है। पांच पन्ने के अपने SUICIDE नोट में उन्होंने बताया कि 11 अगस्त 2015 को BOI के रामगढ़ कैंट ब्रांच में PO के पद पर कार्यरत थे। वहां टैंकर लोन देने में बैंक के कुछ अधिकारियों ने धोखाधड़ी की। बाद में इस फ्रॉड लोन की CBI जांच हुई। इस जांच के दौरान CBI ने उससे पूछताछ भी की। पर सारे साक्ष्य देखने के बाद CBI ने उसे क्लीन चिट दे दिया। जिसके बाद में इस केस में गवाह बन गए।

सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि मुझे क्लीन चिट मिल गया पर बैंक के बाकी अधिकारी जो उस वक़्त ब्रांच मैनेजर और क्रेडिट हेड थे उनके खिलाफ जांच जारी रही। इस बीच एक ग्राहक ने रामगढ़ पुलिस के पास लोन न देने का केस दर्ज करवाया। ऐसे ही मामले की सीबीआई जांच चलते रहने पर भी रामगढ़ पुलिस सुप्रियो को जांच के नाम पर तंग करने लगी।

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