Operation 'Langda': Jharkhand Police's New Strategy

ऑपरेशन ‘लंगड़ा’: झारखंड पुलिस की नई रणनीति से थर्राया अपराध जगत

जानिए क्या है झारखंड पुलिस का ‘ऑपरेशन लंगड़ा’? कैसे पैरों पर सटीक निशाना लगाकर पुलिस अपराधियों के नेटवर्क का कर रही है खुलासा।

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धनबाद/रामगढ़: झारखंड में संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक नई और आक्रामक रणनीति अपनाई है, जिसे चर्चाओं में ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ का नाम दिया जा रहा है। हाल के महीनों में पुलिस की कार्यशैली में आए इस बदलाव ने न केवल अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरा है, बल्कि उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने में भी बड़ी कामयाबी दिलाई है।

सीने के बजाय पैरों पर निशाना

पुलिस की इस नई रणनीति का मुख्य केंद्र ‘जिंदा गिरफ्तारी’ है। पुलिस का लक्ष्य अपराधियों को मार गिराना नहीं, बल्कि उन्हें घायल कर जिंदा पकड़ना है ताकि गिरोह की अंदरूनी गतिविधियों का पर्दाफाश किया जा सके। एनकाउंटर के दौरान पुलिस अब सीधे अपराधियों के पैरों को निशाना बना रही है, जिससे उनके भागने के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं और वे सीधे अस्पताल से जेल की हवा खाने को मजबूर हो जाते हैं।

क्यों जरूरी है यह ‘जिंदा गिरफ्तारी’?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराधी के मारे जाने से उससे जुड़ी कई जानकारियां हमेशा के लिए खत्म हो जाती हैं। लेकिन जिंदा पकड़े जाने पर पूछताछ के दौरान पुलिस को निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुराग मिल रहे हैं:

रंगदारी का जाल: वसूली के गिरोहों के सरगनाओं तक पहुंचने का सीधा रास्ता।

हथियारों का स्रोत: अवैध हथियारों की तस्करी और उनके सप्लायर की पहचान।

फंडिंग नेटवर्क: अपराधियों को आर्थिक मदद देने वालों का खुलासा।

फरार साथी: गैंग के अन्य सक्रिय सदस्यों और उनके ठिकानों की जानकारी।

हालिया उदाहरण: भुरकुंडा मुठभेड़

सोमवार सुबह रामगढ़ के भुरकुंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने इसी रणनीति का सटीक प्रदर्शन किया। रांची, धनबाद और रामगढ़ की संयुक्त पुलिस टीम ने प्रिंस खान गिरोह के दुर्दांत शूटर शिवराज राम उर्फ शिवा डोम को घेरा। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली सीधे उसके पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही ढेर हो गया और पुलिस ने उसे भारी मात्रा में हथियारों व कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की सक्रियता का रिकॉर्ड (2026)

6 जुलाई 2026 रामगढ़ शिवराज राम (प्रिंस खान गिरोह)पैर में गोली, ल गिरफ्तार , 21 जून 2026  खूंटी , श्रवण दास (PLFI)पैर में गोली, गिरफ्तार , 16 जून 2026 जमशेदपुर संदिग्ध अपराधी मुठभेड़, गिरफ्तार , 18 जून रांची मंडार , मुठभेड़ पैर मो गोली , गिरफ्तार ,  16 मार्च 2026 धनबाद प्रिंस खान गिरोह के 3 सदस्य पैर में गोली, गिरफ्तार , 8 मार्च 2026धनबाद सुजीत ओझा (शूटर)घायल, हथियार-बम बरामद

जाहिर है की झारखंड पुलिस की यह ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ रणनीति अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है कि कानून के हाथ अब पहले से कहीं ज्यादा लंबे और सटीक हो गए हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की यह मुहिम अपराध के खात्मे में कितनी कारगर साबित होती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

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