Ranchi News:-रांची में अब स्पीड गन लेजर डिवाइस से पकड़ी जा रही गाड़ियां, अब तक 26 लोगों का कटा चालान

Ranchi News:-रांची में अब स्पीड गन लेजर डिवाइस से पकड़ी जा रही गाड़ियां, अब तक 26 लोगों का कटा चालान

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प्रेरणा चौरसिया

Drishti  Now  Ranchi

राजधानी रांची और इसके सटे रिंग रोड के इलाके में ओवर स्पीड ड्राइविंग या रेस ड्राइविंग करने वालों की अब खैर नहीं। पुलिस ने ऐसे रेस ड्राइविंग करने वालों पर कंट्रोल करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। इस कवायद का असर भी दिखना शुरू हो गया है। राजधानी की पुलिस अब नियंत्रित स्पीड से बाहर जाकर गाड़ी चलाने वालों को पकड़ने के लिए स्पीड गन लेजर डिवाइस का इस्तेमाल कर रही है। ऐसे में ओवर स्पीड गाड़ी चलाने वालों को सर्तक हो जाने की जरूरत है।
पुलिस की स्पेशल टीम कर रही काम
दरअसल लंबे समय से रांची पुलिस का इस बात की शिकायत मिल रही थी कि रांची शहर से सटे रिंग रोड में बढ़ती आबादी के बीच ओवर स्पीड ड्राइविंग खूब हो रही है। शाम के समय युवाओं की टोली इस क्षेत्र में रेस ड्राइविंग करते हैं। वहीं इस रास्ते गुजरने वाली गाड़ियां भी ओवर स्पीड में चलती हैं। जबकि एनएचएआई के नियम के मुताबिक आबादी वाले इलाके में गाड़ियों की स्पीड कितनी हो यह तय किया हुआ है। इस नियम की परवाह किए बगैर तेज रफ्तार में गाड़ियां निकलती हैं। किसी भी बड़ी दुघर्टना की आशंका को देखते हुए पुलिस ने यह तरीका अपनाया है। इसके लिए स्पेशल टीम काम कर रही है।
पुलिस में जांच में क्या पाया
बीते दिनों ओवर स्पीड ड्राइविंग को लेकर स्पेशल अभियान चलाया गया। यह अभियान रिंग रोड़ खरसीदाग, कांके रिंग रोड और नेशनल हाइवे में चलाया गया। यहां स्पीड गन लेजर डिवाइस लगा कर यह पता लगाया गया कि इस क्षेत्र में गाड़ियां कितनी स्पीड से निकलती हैं। यहां किए गए आकलन के बाद पता चला कि बड़े ट्रक, ट्राला ही नहीं छोटी गाड़ियों की रफ्तार भी 100 के पार रहती है। दो पहिया वाहन भी 80 के ऊपर फर्राटे भरते हैं।
26 लोगों को भेजा जा चुका चालान
इस जांच के बाद ट्रैफिक पुलिस ने 26 लोगों को चालान भेजा है। जांच के दौरान गुरुवार को 11 और शुक्रवार को 15 लोगों को चालान उनक रजिस्टर्ड पते पर भेजा गया है। वहीं स्पीड गन लेजर डिवाइस नामकुम थाना क्षेत्र के हाइवे, खरसीदाग ओपी और कांके रोड स्थित रिंग रोड में इस डिवाइस को लगाया भी गया है। अब इन इलाकों में नियमित मॉनिटनिंग की जाएगी।
ऐसे काम करता है डिवाइस
ट्रैफिक पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार यह एवांस्ड डिवाइस से स्पीड समेत वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और जांच का समय स्वत: रिकॉर्ड हो जाता है। इसके बाद जुर्माना का जेनरेटेड बिल रजिस्टर्ड गाड़ी के मालिक के एड्रेस पर भेजा जाता है। वहीं रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर चालान कटने का मैसेज भी चला जाता है। ओवर स्पीड के लिए छोटे वाहन से एक से दो हजार और बड़े वाहन पर दो से चार हजार लिए जाते हैं।

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