रांची के सेफ चौपाटी रेस्टोरेंट मालिक हत्याकांड का खुलासा: वेज बिरयानी में चिकन हड्डी बनी मौत की वजह, तीन गिरफ्तार

रांची के सेफ चौपाटी रेस्टोरेंट मालिक हत्याकांड का खुलासा: वेज बिरयानी में चिकन हड्डी बनी मौत की वजह, तीन गिरफ्तार
रांची, 20 अक्टूबर : झारखंड की राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। कांके रोड स्थित सेफ चौपाटी रेस्टोरेंट के मालिक विजय कुमार नाग (50 वर्ष) की 18 अक्टूबर की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों—प्रशांत कुमार सिंह, अभिषेक सिंह और हरेन्द्र सिंह—को गिरफ्तार किया है। हत्या का कारण चौंकाने वाला है: वेज बिरयानी में चिकन की हड्डी मिलना।
मामूली विवाद ने लिया खूनी रूप
ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने रविवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 18 अक्टूबर की रात करीब 11:45 बजे तीन अपराधियों ने सेफ चौपाटी रेस्टोरेंट में वेज बिरयानी का ऑर्डर दिया। बिरयानी में चिकन की छोटी हड्डी मिलने पर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। आरोपी अभिषेक सिंह ने रेस्टोरेंट मालिक विजय नाग के सीने में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद तीनों आरोपी फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच टीम गठित की। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पहले प्रशांत कुमार सिंह को हिरासत में लिया। उसकी पूछताछ में अन्य दो आरोपियों—अभिषेक सिंह और हरेन्द्र सिंह—के नाम सामने आए।19 अक्टूबर की रात गुप्त सूचना मिली कि अभिषेक सिंह अपनी गर्भवती पत्नी से मिलने रांची आ रहा है। डीएसपी अमर कुमार पांडेय के नेतृत्व में पुलिस ने ITBP कैंप के पास चेरी मनातु रोड पर नाकाबंदी की। अभिषेक ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की और गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह दोनों पैरों में गोली लगने से घायल हो गया। उसे रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में पिठौरिया थाना प्रभारी ने हरेन्द्र सिंह को पतरातु घाटी में एंटी-क्राइम चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया।
बरामद सामान और हथियार
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामग्री बरामद की:
अभिषेक सिंह के पास से: 1 पिस्टल, 1 जिंदा गोली, 6 खोखे, 4 मिसफायर गोलियां, 1 मारुति सुजुकी कार, 2 मोबाइल फोन।
हरेन्द्र सिंह के पास से: 1 देसी कट्टा, 2 पिस्टल, 26 गोलियां, 1 राइफल, 2 मोबाइल फोन, 2 लाख 4 हजार 500 रुपये नकद, 1 इनोवा कार।
पूछताछ में अभिषेक ने खुलासा किया कि हथियार हरेन्द्र सिंह ने उपलब्ध कराए थे। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े हैं।
जनाक्रोश और पुलिस का आश्वासन
घटना के बाद 19 अक्टूबर की सुबह स्थानीय लोगों ने कांके रोड जाम कर प्रदर्शन किया और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन देकर स्थिति को नियंत्रित किया। एसपी प्रवीण पुष्कर ने कहा, “पुलिस ने 24 घंटे के अंदर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गहन जांच जारी है, और अवैध हथियारों के नेटवर्क को भी उजागर किया जाएगा।”
यह हत्याकांड रांची में बढ़ते अपराध और छोटे-छोटे विवादों के हिंसक रूप लेने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या हत्या के पीछे कोई और बड़ा मकसद था या यह केवल तात्कालिक गुस्से का नतीजा था।

















