सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर भावुक हुए सरयू राय, बोले- मतभेद थे, मनभेद कभी नहीं

जमशेदपुर: झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन से राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर है। उनके निधन पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय भी भावुक हो गए। माइकल जॉन ऑडिटोरियम में आयोजित सेमिनार को शोकसभा में बदल दिया गया, जहां सरयू राय ने सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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सरयू राय ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू युवा, तेज-तर्रार, समझदार, वाकपटु और बेहद सक्रिय मंत्री थे। विधानसभा में वह तर्कपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते थे। कई मौकों पर वह दूसरे मंत्रियों को भी सवालों के जवाब देने में मदद करते थे।
उन्होंने कहा कि सुदिव्य सोनू से कई मुद्दों पर उनके मतभेद जरूर थे, लेकिन मनभेद कभी नहीं हुआ। नगर विकास और उच्च शिक्षा से जुड़े कई विषयों पर दोनों के बीच बातचीत होती रहती थी। सरयू राय के अनुसार, सुदिव्य सोनू आवश्यकता आधारित शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के पक्षधर थे और इस दिशा में काम कर रहे थे।

सरयू राय ने कहा कि उम्र में काफी अंतर होने के बावजूद सुदिव्य कुमार सोनू के साथ उनका प्रेम और स्नेह का संबंध था। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “दुर्भाग्य है कि आज मुझे सुदिव्य जी को श्रद्धांजलि देनी पड़ रही है।” उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का निधन सिर्फ झारखंड सरकार और झामुमो के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। सरयू राय ने कहा, “मैंने एक सच्चा साथी और शुभचिंतक खो दिया है। इस क्षति की भरपाई नामुमकिन है।”
















