झारखंड JPSC सदस्य जमाल अहमद पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, बाबूलाल मरांडी ने CM सोरेन को पत्र लिख की ACB जांच की मांग

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) एक बार फिर बड़े विवादों के घेरे में आ गया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने JPSC के वर्तमान सदस्य जमाल अहमद पर गंभीर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। इस सिलसिले में उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक तीखा पत्र लिखकर जमाल अहमद को तत्काल उनके पद से हटाने और उनकी संपत्तियों की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से गहन जांच कराने की मांग की है।
चल-अचल संपत्तियों का साम्राज्य खड़ा करने का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में दावा किया है कि विश्वसनीय सूत्रों से उन्हें जानकारी मिली है कि JPSC सदस्य जमाल अहमद ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर अवैध संपत्तियां बनाई हैं।
रांची में आलीशान फ्लैट: राजधानी रांची में उनके पास 3000 से 4000 वर्गफुट का एक बड़ा फ्लैट मौजूद है और वे शहर में अन्य संपत्ति की तलाश में हैं।
हजारीबाग में बेनामी संपत्ति: इसके अलावा हजारीबाग जिले में भी उनके द्वारा बड़े पैमाने पर बेनामी और अचल संपत्तियां अर्जित किए जाने की पुख्ता चर्चाएं हैं।

नियुक्ति पर भी खड़े किए सवाल
बीजेपी नेता ने जमाल अहमद की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पिछली नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जमाल अहमद पूर्व में एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे और वर्ष 2008 में उनकी नियुक्ति लेक्चरर के पद पर हुई थी। इस नियुक्ति प्रक्रिया में हुई भारी धांधली की जांच वर्तमान में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है।

मरांडी ने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति की अपनी नियुक्ति प्रक्रिया खुद जांच एजेंसियों के घेरे में हो, उसे JPSC जैसी संवैधानिक और पवित्र संस्था का सदस्य कैसे बनाया जा सकता है? उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के दबाव में नियमों को दरकिनार कर यह नियुक्ति की गई है।
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
पत्र के अंत में बाबूलाल मरांडी ने चेतावनी दी है कि यदि दागी और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे लोग संवैधानिक पदों पर बने रहेंगे, तो राज्य के लाखों मेधावी युवाओं का आयोग से भरोसा उठ जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जमाल अहमद को तुरंत पदमुक्त किया जाए।
















