अंधविश्वास ने ली 3 मासूम बच्चियों जान.

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सिमडेगा :  जिले में एक बार फिर अंधविश्वास और अव्यवस्था ने सर्पदंश से पीड़ित 3 मासूमों की जान ले ली. मामला ठेठईटांगर के ताराबोगा पंचायत के कंदाबेड़ा गौरी डूबा गांव का है. जहां बीती रात सर्पदंश से 3 मासूम बच्ची की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक रविवार को चर्च नवाखानी का पर्व मनाया गया था उसमें तीनों बच्ची भी पर्व में शामिल होकर कंदाबेड़ा में रात में सो गए थे, इसी बीच रात में करीब 9बजे तीनो को सांप ने डंस लिया. काफी पिछड़ा इलाका होनें के कारण समय पर एम्बुलेंस नही पहुंच सका और बच्चों की मौत हो गयी.

बताया जा रहा है कि जबतक एम्बुलेंस नहीं आया गांव के लोग तीनों को गांव में ही रखकर झाड़फूंक करते रहे, इसी दौरान तीनों बच्चों की मौत हो गई. झाड़फूंक का क्रम सोमवार की सुबह तक चलता रहा, ओडिशा से आई महिला नें पुलिस प्रशासन के सामनें ही तीनों शवो को ओडिशा ले जाने अड़ी हुई थी, उसका कहना था कि तीनों के झाड़ फूक और चंगाई के बाद ठीक कर दिया जाएगा.

मौके पर पहुंची पुलिस के द्वारा समझाने के बाद भी परिजन शवों को अस्पताल ले जाने के लिए मना करते रहे. हालांकि पुलिस ने उन्हें ठेठईटागंर रेफरल अस्पताल तक ले आई, जहां डाक्टर दिनेश ने तीनों बच्चियों को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद भी ग्रामीण तीनों बच्चियों के शव को लेकर ओड़िसा वैध के पास जाने की जिद में अड़े रहे. आखिरकार पुलिस और डाक्टर के सामने तीनों बच्चियों के शव को लेकर ग्रामीण ओड़िसा के राजगांगपुर मे किसी वैध के पास ले गये. ग्रामीणो के आगे आज पुलिस बेबश नजर आई.

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