लोकसभा में गूंजा झारखंड के 7 लाख छात्रों की छात्रवृत्ति का मुद्दा, आजसू सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने केंद्र से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग
रांची : आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं गिरिडीह लोकसभा सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत झारखंड के करीब सात लाख एसटी, एससी, ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं की लंबित पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का मामला जोर-शोर से उठाया।
सांसद चौधरी ने सदन में कहा कि पिछले तीन वर्षों से झारखंड में पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिसका सबसे बुरा असर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उन छात्रों पर पड़ रहा है जो इस छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं। परिणामस्वरूप हजारों बच्चे हॉस्टल, किताबें, मेस जैसी बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी बीच में ही पढ़ाई छोड़ने की कगार पर पहुँच गए हैं।
उन्होंने इसे “शिक्षा के अधिकार और सामाजिक न्याय पर सीधा प्रहार बताया और कहा, “शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है और छात्रवृत्ति उनका हक। जब यह हक ही तीन-तीन साल से रोका जा रहा है तो यह हमारे झारखंड के उज्जवल भविष्य की नींव को कमजोर करने वाला कृत्य है।”
चौधरी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर सभी लंबित छात्रवृत्तियों का भुगतान शीघ्र कराया जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी समाधान लागू किया जाए।
आजसू पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह अपने बच्चों के हक-अधिकार की इस लड़ाई में हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और झारखंड की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखेगी।



















