आदिवासी छात्र संघ का आरोप: JPSC-JSSC विवाद को राजनीतिक रंग देने की हो रही कोशिश, 9 अगस्त को होगा विश्व आदिवासी दिवस समारोह

रांची: आदिवासी छात्र संघ की केंद्रीय समिति ने शनिवार को रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े विवादों पर अपना पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि झारखंड में परीक्षा संबंधी मुद्दों को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। संघ के केंद्रीय संयोजक डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि भाजपा, एबीवीपी और कुछ कोचिंग संस्थानों के संचालक इस मामले को सुनियोजित तरीके से उछाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं देश के कई राज्यों में हुई हैं, लेकिन झारखंड में जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, वह राज्य की आदिवासी नेतृत्व वाली सरकार को अस्थिर करने की साजिश का हिस्सा है।
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डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी झारखंड में स्पष्ट डोमिसाइल नीति लागू नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति का प्रस्ताव राज्य सरकार केंद्र को भेज चुकी है, लेकिन अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके कारण बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों में लाभ मिलने का आरोप उन्होंने केंद्र सरकार पर लगाया।

संघ ने प्रतियोगी परीक्षाओं में जनजातीय भाषाओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि इससे जनजातीय भाषा के विद्यार्थियों को नुकसान हो रहा है। साथ ही दो वर्षों से छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं होने का आरोप लगाते हुए इसके लिए भी केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया। प्रेस वार्ता में रांची विश्वविद्यालय के क्लस्टर सिस्टम और जनजातीय भाषा के विद्यार्थियों के नामांकन पोर्टल बंद किए जाने का भी विरोध किया गया। संगठन का कहना है कि इससे जनजातीय भाषा, संस्कृति और पहचान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

इस दौरान आदिवासी छात्र संघ ने 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रांची कॉलेज फुटबॉल मैदान में भव्य समारोह आयोजित करने की घोषणा की। संगठन के अनुसार, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि और कल्याण मंत्री चमरा लिंडा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
















