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भारतीय राजनीति के इतिहास में दर्दनाक अध्याय, अजित पवार से पहले इन पांच नेताओं की भी प्लेन क्रैश में गई थी जान

भारतीय राजनीति में विमान दुर्घटनाएं कई बार बड़े नेताओं की जान ले चुकी हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, माधवराव सिंधिया और संजय गांधी जैसे नाम इस सूची में जुड़े हैं। लेकिन इनसे पहले भी कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने हवाई हादसों में अपनी जान गंवाई। यहां हम उन पांच प्रमुख नेताओं की बात कर रहे हैं, जिनकी मौत प्लेन या हेलीकॉप्टर क्रैश में हुई थी। ये घटनाएं राजनीति पर गहरा असर डाल चुकी हैं।

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श्यामा प्रसाद मुखर्जी

भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रमुख नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत 23 जून 1953 को एक रहस्यमयी विमान दुर्घटना में हुई। वे जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के विरोध में जा रहे थे, जब उनका विमान क्रैश हो गया। कई लोग इसे संदिग्ध मानते हैं।

एस. मोहन कुमरमंगलम

इंदिरा गांधी सरकार में स्टील एंड माइंस मंत्री रहे एस. मोहन कुमरमंगलम की मौत 31 मई 1973 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट 440 के क्रैश में हुई। विमान दिल्ली के पास तूफान में हाई टेंशन वायर से टकराया और क्रैश हो गया।

बलवंतराय मेहता

गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता की मौत 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान हुई। वे कच्छ के रण का दौरा करने जा रहे थे, जब उनका सिविलियन विमान पाकिस्तानी एयर फोर्स के जेट ने गलती से मार गिराया।

ओम प्रकाश जिंदल

प्रमुख उद्योगपति और हरियाणा के तत्कालीन बिजली मंत्री ओ.पी. जिंदल की मौत 31 मार्च 2005 को हेलीकॉप्टर क्रैश में हुई। उनके साथ कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह भी थे। दिल्ली से चंडीगढ़ जा रहे हेलीकॉप्टर में सहारनपुर के पास हादसा हुआ।

जी.एम.सी. बालयोगी

लोकसभा स्पीकर और तेलुगु देशम पार्टी के नेता जी.एम.सी. बालयोगी की मौत 3 मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर क्रैश में हुई। आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी से लौटते समय उनका हेलीकॉप्टर कृष्णा जिले में एक तालाब में गिर गया।

ये हादसे भारतीय राजनीति के इतिहास में दर्दनाक अध्याय हैं, जिन्होंने कई बार सत्ता संतुलन और नेतृत्व को प्रभावित किया। विमान यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। इन घटनाओं से सबक लेते हुए आज भी VVIP यात्राओं में सख्त प्रोटोकॉल अपनाए जाते हैं।

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