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क्या 14 करोड़ के भुगतान के दबाव को नहीं मानने के कारण रिम्स निदेशक को हटाया गया? : प्रतुल शाहदेव

क्या 14 करोड़ के भुगतान के दबाव को नहीं मानने के कारण रिम्स निदेशक को हटाया गया?

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झारखंड BJP के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने रिम्स के डायरेक्टर को हटाए जाने के मामले में सरकार पर गम्भीर आरोप लगाए है । आरोप है की बड़ी डील की वजह से राजकुमार को हटाया गया । प्रतुल से सरकार से कई सवाल पूछे  है और कई आरोप भी लगाये है जिन्हें हम विस्तार से बताते है
प्रतुल शाहदेव का आरोप: भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार को मेडाल कंपनी (₹10.75 करोड़) और हेल्थ प्वाइंट कंपनी (₹3.37 करोड़) को भुगतान करने के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के कथित दबाव को नहीं मानने के कारण हटाया गया। ये भुगतान जीबी बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं थे।

2. जीबी की पूरी बैठक का सीसीटीवी फुटेज रिलीज क्यों नहीं किया गया?
प्रतुल का सवाल: शाहदेव ने मांग की कि सरकार जीबी बैठक की पूरी सीसीटीवी फुटेज जारी करे ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि फुटेज छिपाने से साजिश का संदेह गहराता है।

3. पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच से राज्य सरकार क्यों भाग रही है?
प्रतुल का आरोप: शाहदेव ने कहा कि अगर सरकार का निर्णय सही है, तो सीबीआई जांच से क्यों हिचक रही है। उनका मानना है कि यह मामला बड़े घपले और कमीशनखोरी का है।
4. जीबी की बैठक में अनाधिकृत व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति किसने दी?
प्रतुल का दावा: शाहदेव ने आरोप लगाया कि जीबी बैठक में दो दर्जन अनाधिकृत लोग नारेबाजी करते हुए घुस आए, जिन्होंने निदेशक को हटाने की मांग की। यह एक सुनियोजित साजिश थी।
5. एजी की गंभीर आपत्तियों के बावजूद स्वास्थ्य मंत्री भुगतान का दबाव क्यों बना रहे थे?
प्रतुल का आरोप: शाहदेव ने दावा किया कि झारखंड के अकाउंटेंट जनरल (एजी) ने मेडाल और हेल्थ प्वाइंट कंपनियों के ऑडिट में गंभीर अनियमितताएं पाईं और विसंगतियों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी। इसके बावजूद, मंत्री भुगतान का दबाव बना रहे थे।

6. रिम्स में होमगार्ड जवानों को हटाने का औचित्य
प्रतुल का आरोप: शाहदेव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने 370 होमगार्ड जवानों को हटाने की घोषणा की, जिसे वे निजी सुरक्षा एजेंसी को लाभ पहुंचाने की कोशिश मानते हैं। पूर्व में ऐसी एजेंसियों पर लचर व्यवस्था और कमीशन के आरोप लगे थे।

जाहिर है की प्रतुल शाहदेव ने भ्रष्टाचार, साजिश और अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं, जो स्वास्थ्य विभाग और रिम्स की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं। खासकर, निदेशक को हटाने, अनाधिकृत प्रवेश, और एजी की आपत्तियों के बावजूद भुगतान के दबाव के दावे गंभीर हैं।

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