झारखंड : बिरनी की दो बेटियों ने साणंद में लहराया परचम: पीएम मोदी ने की संघर्ष और सफलता की सराहना

गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड की दो बेटियों, पूनम कुमारी और पुष्पा कुमारी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर ऐसी कामयाबी हासिल की है जो आज पूरे प्रदेश के लिए नजीर बन गई है। आर्थिक तंगहाली और व्यक्तिगत संघर्षों को मात देकर सेमीकंडक्टर जैसी अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली इन बेटियों का हौसला देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी प्रभावित हुए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पीएम मोदी से मिलीं, बयां की संघर्ष की कहानी
गुजरात के साणंद स्थित सीजी सेमी (CG Semi) के ओएसएटी (OSAT) प्लांट के उद्घाटन समारोह में एक विशेष क्षण तब आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पूनम और पुष्पा से संवाद किया। उन्होंने इन दोनों बेटियों के संघर्ष, उनकी शिक्षा और मलेशिया से प्राप्त तकनीकी प्रशिक्षण के बारे में जाना और उनकी इस उपलब्धि की जमकर सराहना की।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री और कोडरमा की सांसद अन्नपूर्णा देवी ने इस ऐतिहासिक मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे झारखंड के लिए गर्व का विषय बताया।

अभावों को बनाया ताकत, मलेशिया तक पहुँचाया सफर
पूनम (बलगो गाँव) और पुष्पा (चिताखारो गाँव) की कहानी प्रेरणा से भरी है। बचपन में पिता का साया उठने के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था, लेकिन बिरनी के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय ने उनके लिए उम्मीद के दरवाजे खोले।
शिक्षा: कक्षा 6 से 12वीं तक की शिक्षा कस्तूरबा विद्यालय में पूरी की।
तकनीकी राह: 2024 में रांची के कौशल कॉलेज (आईटीआई) से तकनीकी शिक्षा हासिल की।
ग्लोबल ट्रेनिंग: 2025 में सीजी सेमी कंपनी में चयन के बाद दोनों को सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग की बारीकियां सीखने के लिए मलेशिया भेजा गया।
वर्तमान में, दोनों बेटियाँ गुजरात के साणंद स्थित प्लांट में अहम मशीनों का संचालन कर रही हैं।
“पूरे झारखंड को है गर्व”
कस्तूरबा विद्यालय की पूर्व वार्डन काजल पांडेय और वर्तमान वार्डन वीना बर्णवाल ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल पूनम और पुष्पा की सफलता नहीं, बल्कि उन तमाम ग्रामीण छात्राओं की जीत है जो अभावों में भी आगे बढ़ने का जज्बा रखती हैं।
पीएम मोदी से हुई इस मुलाकात ने न केवल पूनम और पुष्पा के आत्मविश्वास को बढ़ाया है, बल्कि झारखंड की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा का एक नया अध्याय लिख दिया है।
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