12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: रांची विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती दीक्षांत मंडप में भव्य आयोजन, स्वास्थ्य मंत्री ने किया योगाभ्यास

रांची : 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह रांची विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती दीक्षांत मंडप में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6 बजे हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, एनएसएस स्वयंसेवकों, योग प्रशिक्षकों और योग प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रखी गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को दीर्घायु, स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री Dr. Irfan Ansari सहित कई गणमान्य अतिथियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कर योग के महत्व को आत्मसात किया।
योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर: स्वास्थ्य मंत्री
योगाभ्यास से पूर्व स्वास्थ्य मंत्री Dr. Irfan Ansari ने कहा कि योग सदियों से भारतीय संस्कृति और जीवन पद्धति का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव और मानसिक दबाव के बीच योग मानसिक संतुलन बनाए रखने में अत्यंत सहायक है। उन्होंने सभी लोगों को नियमित योग अपनाने की अपील की।
डिजिटल युग में योग की बढ़ती प्रासंगिकता
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि आज के डिजिटल युग में बढ़ता स्क्रीन टाइम स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। ऐसे समय में योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक संतुलन के लिए भी अत्यंत आवश्यक बन गया है। योग व्यक्ति में अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करता है।
योग खिलाड़ियों का सम्मान
इस अवसर पर योगासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने उन्हें प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके प्रदर्शन की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे खिलाड़ी युवाओं को योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री, रांची विधायक, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य Ajay Kumar, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति Prof. Saroj Sharma सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक योगाभ्यास के साथ स्वास्थ्य, अनुशासन और मानसिक शांति का संदेश दिया गया। आयोजन ने प्रतिभागियों को योग को दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
















