आयकर विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक.
राँची : प्रधान आयकर आयुक्त (बिहार-झारखण्ड) श्री के.के सिंह ने अपने रांची प्रवास के दौरान चैंबर भवन में फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ काॅमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज के साथ बैठक की। मौके पर आयकर विभाग-रांची के चीफ कमिष्नर श्री राकेश मिश्रा, प्रधान आयकर आयुक्त-रांची श्री आरबी नायक, आयकर आयुक्त-पटना श्री संजय बारा के अलावा आयकर विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबडा ने व्यवसायियों व उद्यमियों की समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा कि सर्च एण्ड सीजर में पहले एसेसी को एक बार सेटलमेंट कमीशन में जाने की सुविधा थी, किंतु आम बजट 2021-22 की घोषणा के अगले दिन ही सेटलमेंट कमीषन के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने आग्रह किया कि पहले से लागू किसी भी प्रावधान को हटाने से पहले स्टेकहोल्डर्स को अवसर दिया जाना चाहिए और यह प्रत्येक एसेसी को पूरी समयावधि में एक ही बार सेटलमेंट कमीषन में जाने की अनुमति है, उसे यथावत् रहने दिया जाना चाहिए या इसकी समाप्ति के पहले से जो भी सर्च एण्ड सीजर मामले हैं, उस हेतु सेटलमेंट कमीषन में जाने का प्रावधान अवष्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के तहत कंप्लायंस के सरलीकरण हेतु सरकार प्रतिबद्ध है, ऐसे में टीसीएस का प्रत्येक माह टैक्स भरना और त्रैमासिक रिटर्न फाइल करना कंप्लायंस का एक अत्यधिक भार है। यह सुझाया गया कि टीसीएस के तहत टैक्स के भरने की व्यवस्था त्रैमासिक और रिटर्न फाइल की व्यवस्था वार्षिक होनी चाहिए।
बैठक के दौरान उपस्थित सदस्यों ने झारखण्ड में अधिसूचित अति पिछडा औद्योगिक क्षेत्र के तहत लगनेवाले प्रोजेक्ट को टैक्स बेनिफीट के तहत मिलनेवाली छूट में शामिल करने, हेल्थ इंष्योरेंस को बढावा देने हेतु इसपर दी जानेवाली छूट को 25 हजार रू0 से बढाकर 50 हजार रू0 करने, काॅरपोरेट टैक्स की तर्ज पर पार्टनरषीप या एसोसियेषन ऑफ पर्सन पर भी कर को एक समान प्रतिषत की दर पर लगाने की मांग की गई। चैंबर अध्यक्ष ने यह भी कहा कि टीडीएस की राषि जमा करने में एक दिन भी विलंब होने पर उस माह एवं भुगतान की तिथि वाले महीने का भी ब्याज अर्थात् दो माह का ब्याज जोडकर लिया जाता है और मार्च के केस में 3 माह का ब्याज लिया जाता है। यह सुझाया गया कि जीएसटी की तर्ज पर जितने दिवस टीडीएस भरने में विलंब हुई हो, सिर्फ उसी का ब्याज लिया जाय।
सीए साकेत मोदी ने कहा कि स्क्रूटनी एवं अपील मामलों में नोटिस करदाताओं के सिर्फ ई-मेल पर भेंजने तथा आयकर विभाग के पोर्टल पर अपलोड करने का प्रावधान कर दिया गया है। चूंकि कई छोटे-छोटे व्यापारी जिन्होंने केवल आयकर विभाग की नोटिस प्राप्ति के उद्देष्य से ही ई-मेल आईडी बनाई है किंतु वे निरंतर ई-मेल चेक नहीं करते हैं, ऐसे करदाताओं को नोटिस की जानकारी भी नहीं हो पा रही हैं और उनकी सुनवाई की तिथि समाप्त हो जा रही है। काफी संख्या में नाॅन-कंप्लायंस के मामले इस कारण से ही सामने आए हैं। उन्होंने सुझाया कि ई-मेल के साथ एसएमएस के माध्यम से भी नोटिस की सुविधा दी जाय।
प्रधान आयकर आयुक्त (बिहार-झारखण्ड) श्री के.के सिंह ने चैंबर द्वारा सुझाये गये सभी बिंदुओं को उचित बताते हुए यह आष्वस्त किया कि सभी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु वे उचित प्रयास करेंगे। उन्होंने भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत विवाद से विष्वास, फेसलेस स्कीम सहित अन्य का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए व्यापारियों को प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि वे जानना चाहते हैं कि सरकार द्वारा प्रस्तुत योजनाओं से व्यवसायी कितने संतुष्ट हैं या कितने सुधार की आवष्यकता है। स्कीम की सफलता आपकी जागरूकता पर निर्भर करता है। उन्होंने आष्वस्त किया कि व्यापारी अपनी समस्याएं हमसे साझा करें, समस्याओं का त्वरित समाधान होगा और योजनाओं को बेहतर बनाने की दिषा में आवष्यक सुधार किया जायेगा। उन्होंने चैंबर से भी इन योजनाओं से व्यापारियों को जागरूक करने का सुझाव दिया जिसपर चैंबर अध्यक्ष ने सहमति जताई।
व्यवसायियों ने फेसलेस स्कीम की कुछ भ्रांतियों पर भी प्रधान आयकर आयुक्त का ध्यान दिलाया और कहा कि स्कीम के उद्देष्य साकारात्मक हैं किंतु यह व्यवहारिक समस्या है कि कुछ मामलों में इतने दस्तावेजों की मांग की जाती है जिससे काफी परेषानी होती है। दस्तावेजों की अधिकता होने और उन्हें साॅफ्ट काॅपी बनाकर अपलोड करने में भी कठिनाई होती है। यह भी आषंका बनी होती है कि उनके द्वारा प्रस्तुत की किये जा रहे डाॅक्यूमेंट से एसेसिंग ऑफिसर कितने संतुष्ट होंगे। प्रधान आयकर आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि इस बैठक का उद्देष्य यही है कि योजनाओं की कमियां आप बताएं, उनका समाधान किया जायेगा।
बैठक में चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबडा, उपाध्यक्ष धीरज तनेजा, महासचिव राहुल मारू, सह सचिव दीनदयाल बरनवाल, कोषाध्यक्ष परेष गट्टानी, कार्यकारिणी सदस्य रोहित अग्रवाल, मनीष सर्राफ, अमित किषोर, आदित्य मल्होत्रा, निवर्तमान अध्यक्ष कुणाल अजमानी, सदस्य बिनोद बक्सी, मनोज बक्सी, अर्जुन सिंघानिया, महेंद्र चैधरी, साकेत मोदी, आरके गाडोदिया, किषन अग्रवाल के अलावा आयकर विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

















