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बेंगलुरु से गिरफ्तार हुआ मनोज झा हत्याकांड का मुख्य आरोपी

राजधानी रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र में अपराधियों ने सिविल कोर्ट के अधिवक्ता मनोज झा को गोलियों से भून डाला था. इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी अफसर आलम उर्फ लंगड़ा को पुलिस ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है. पुलिस को सूचना मिली थी कि अफसर आलम उर्फ लंगड़ा इस घटना को अंजाम देकर किसी दूसरे राज्य में छिपा हुआ है इसी सूचना के आधार पर पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही थी. इस हत्याकांड में पहले भी पुलिस ने पांच आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.

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आपको बता दें कि 26 जुलाई को अपराधियों ने सिविल कोर्ट के अधिवक्ता मनोज झा को गोलियों से छलनी कर दिया था. पुलिस ने इस मामले में एसआईटी गठन कर मामले की जांच कर रही थी. पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार नौ एकड़ जमीन को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा था. सरगना अफसर आलम उर्फ लंगड़ा ने विवादित जमीन पर अपना नौ एक़ड़ बता रहा था और उसी विवादित जमीन को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा था. पुलिस में घटना में इस्तेमाल दो हथियार, बाइक और दो चार पहिया वाहन जब्त किया था. अधिवक्ता मनोज झा जेवियर संस्था के लीगल एडवाइजर थे. वह संस्था की 14 एकड़ जमीन पर बन रहे स्कूल का निर्माण कार्य देखने शाम करीब चार बजे अपनी कार से रड़गांव गये थे. मनोज झा जैसे ही निर्माण स्थल पर पहुंचे कि तभी दो बाइक से पांच अपराधी वहां पहुंचे और सबसे पहले चालक की कनपटी पर पिस्टल सटाकर कार की चाबी छीन ली. इसके बाद कार में बैठे अधिवक्ता मनोज झा को गोलियों से छलनी कर दिया. जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गयी. घटना को अंजाम देकर सभी अपराधी हाइवे की ओर भाग गये. घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण एसपी नौशाद आलम, बुंडू एसडीपीओ अजय कुमार और तमाड़ थाना प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच की. पुलिस ने घटनास्थल से पांच खोखा और तीन गोलियां बरामद की थी.

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जमीन विवाद में जेवियर स्कूल प्रबंधन के पक्ष में आया था फैसला : इस संबंध में बुंडू एसडीपीओ अजय कुमार ने बताया था कि जिस जमीन पर स्कूल का निर्माण कार्य हो रहा था, उसे जेवियर स्कूल प्रबंधन ने वर्ष 2007 में शेख रजा के वंशजों से खरीदा था. इस मामले में एक पक्ष कोर्ट गया था. कुछ दिन पहले ही कोर्ट का फैसला जेवियर स्कूल प्रबंधन के पक्ष में आया था. इसके बाद उस पर निर्माण कार्य चल रहा था.

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