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मिट्टी में दबकर तीन महिलाओं की मौत.

अजय सिंह, जामताड़ा

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जामताड़ा : नारायणपुर थाना क्षेत्र के देवल बाड़ी पंचायत अंतर्गत गोविंदपुर साहिबगंज हाईवे के मंझलाडीह गांव के समीप पहाड़ी से सफेद मिट्टी के अवैध खनन कर रहे महिलाओं के ऊपर मिट्टी के चाल धंसने से तीन महिलाओं की मौत घटनास्थल पर हो गई. घटना की जानकारी मिलते हैं जिले के उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज जामताड़ा विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी एसडीओ संजय पांडे अंचल अधिकारी केदारनाथ सिंह एसडीपीओ अरविंद उपाध्याय, अंचल इंस्पेक्टर सुबोध प्रसाद यादव, थाना प्रभारी अजीत कुमार घटनास्थल पर पहुंचे.

गौरतलब है कि मंझलाडीह गांव के समीप पहाड़ी से महिलाओं द्वारा मिट्टी निकालने की कार्य किया जाता था, जिसके कारण पहाड़ी में सुरंग बन गया है, इस मिट्टी से महिलाएं अपनें घर की पुताई के लिए ले जाती थीं. हालांकि प्रशासन इसे अवैध करार दे रखा है और कई बार सुरंगों को प्रशासन द्वारा बंद भी करवाया गया, लेकिन फिर भी स्थानीय महिलाओं द्वारा मिट्टी खुदाई की जाती रही जिससे वह सुरंग में तब्दील हो गया. इस क्षेत्र में यह पहली घटना नहीं है, इस तरह की घटना कई बार घट चुकी है. 2012 में इसी जगह चाल धंसने से तीन महिलाओं की मौत हुई थी और दो गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. प्रशासन के बार बार मिट्टी नहीं निकालनें का आग्रह करने के बावजूद स्थानीय महिलाओं द्वारा मिट्टी की अवैध खनन किया जाता रहा है.

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खबर तो यह भी है कि महिलाएं भारी मात्रा में सफेद मिट्टी खुदाई कर इकट्ठा करती थी और इसे गिरिडीह जिला ले जाकर इनकी व्यापार भी किया जाता है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक किलो मिट्टी का मूल्य 20 से 25 मिल जाता है. यह मिट्टी उपयोग घर की पुताई के अलावा इस मिट्टी से बाल भी ग्रामीणों के महिलाएं धोती है.

स्थानीय प्रशासन के द्वारा काफी प्रयास के बाद जेसीबी के सहयोग से शव को निकाल गया. फिलहाल तीनों महिलाओं का शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जामताड़ा भेज दिया गया है. और भी महिलाओं के दबे रहने की आशंका के कारण प्रशासन खुदाई कर रही है. मौके पर पहुंचे विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी ने कहा कि यह घटना दुखद है.सभी महिलाएं गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है, उन्होनें कहा मुख्यमंत्री से बात कर सभी को उचित मुआवजा दिलाने की कोशिश करेंगे. उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से आग्रह क्या की मिट्टी के लिए अपनी जान ना दें जान है तो जहान है.

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