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23 मार्च तक ED की गिरफ्त में रहेंगे वीरेंद्र राम:वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में हुई पेशी, तीन अलग-अलग बार 12 दिनों तक कर चुका है पूछताछ

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प्रेरणा चौरसिया

Drishti  Now  Ranchi

मनी लांड्रिंग मामले में ईडी की गिरफ्त में आए ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम अब 23 मार्च तक ईडी के सवालों का जवाब देंगे। आज उनके हिरासत की अवधि को ईडी की स्पेशल कोर्ट ने बढ़ा दी है। आज मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम की पेशी बिरसा मुंडा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई। जहां पेशी के बाद न्यायिक हिरासत की अवधि 23 मार्च तक के लिए बढ़ा दी है।
तीन बार ले चुकी है रिमांड पर
यह चौथी बार है जब वीरेंद्र राम की रिमांड अवधि बढ़ाई गयी है। अब तक तीन अलग-अलग बार रिमांड पर लिया जा चुका है। इन तीन बार में उससे 12 दिनों तक पूछताछ की जा चुकी है। सात मार्च को ईडी की विशेष न्यायाधीश के आवास पर उसकी पेशी हुई थी जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। ईडी कोर्ट के न्यायाधीश पी के शर्मा की कोर्ट में वीरेंद्र राम की पेशी हुई।
पहली बार 23 फरवरी को मिला रिमांड
ईडी को मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम से पूछताछ के लिए सबसे पहले 23 फरवरी को ईडी कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उसे पांच दिनों की रिमांड पर ईडी को सौंपा गया था। इसके बाद 28 फरवरी को चार दिनों की पुलिस रिमांड पर ईडी को सौंपा था। तीसरी बार तीन दिनों के लिए उसे रिमांड पर उसे ईडी को दिया गया था। 22 फरवरी को वीरेंद्र राम के आवास पर छापेमारी के दौरान उसके रांची के अशोक नगर स्थित आवास से ईडी ने गिरफ्तार किया था।
22 फरवरी को वीरेंद्र राम के 24 ठिकाने पर मारा था रेड
प्रवर्तन निदेशालय ने 22 फरवरी को ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम के कुल 24 ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान वीरेंद्र राम द्वारा बनायी गयी कंपनियों के अलावा 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला। छापामारी के दौरान 1.50 करोड़ रुपये के जेवरात और करीब 30 लाख रुपये नकद मिले हैं।

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