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झारखंड में शरिया बनाम संविधान: हेमंत सोरेन की ‘मौन साधना’ पर BJP का तीखा तंज

झारखंड में शरिया बनाम संविधान: हेमंत सोरेन की ‘मौन साधना’ पर BJP का तीखा तंज

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झारखंड की सियासत में एक बार फिर तूफान मचा हुआ है, और इस बार केंद्र में हैं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजूल हसन, जिनके “शरिया प्रेम” ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सड़कों पर उतार दिया है। BJP का कहना है कि हसन ने संविधान को “दूसरे दर्जे” का बता कर न सिर्फ बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का अपमान किया, बल्कि हेमंत सोरेन सरकार की “तुष्टीकरण नीति” को भी उजागर कर दिया। दूसरी ओर, हेमंत सोरेन की चुप्पी को BJP ने “मौन साधना” करार देते हुए तंज कसा कि “मुख्यमंत्री जी शायद शरिया और संविधान के बीच तालमेल बिठाने की जुगत में हैं।”

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रांची में BJP का जोरदार हल्ला बोल

रांची के शहीद चौक से राजभवन तक BJP कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा, और नारे गूंजे: “शरिया नहीं, संविधान चलेगा!”, “बाबा साहब का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान!”, और “हफीजूल हसन को बर्खास्त करो!” प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने हेमंत सरकार को घेरा। प्रदर्शन में कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रविंद्र राय, पूर्व अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश, सांसद आदित्य साहू, विधायक सीपी सिंह, नवीन जायसवाल  शामिल थे।
मरांडी ने तल्ख लहजे में कहा, “भारत में संविधान सर्वोपरि है, शरिया कोई निजी मामला है, जिसे राजकाज पर थोपा नहीं जा सकता। हफीजूल हसन को अगर शरिया इतनी ही प्यारी है, तो मंत्रिमंडल छोड़कर शरिया अदालत में बैठें।” उन्होंने हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी, झारखंड को संविधान से चलाएं, या फिर कुर्सी छोड़ें।”
तुष्टीकरण की प्रयोगशाला बना झारखंड”

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने हेमंत सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा, “वोट बैंक के लिए संविधान की शपथ लेने वाले अब उसका अपमान कर रहे हैं। हेमंत जी, आपकी सरकार तुष्टीकरण में डूबी है, और हसन साहब इसका जीता-जागता सबूत हैं।” केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने चुटकी लेते हुए कहा, “शरिया के सपने देखने वालों को शायद पाकिस्तान ज्यादा रास आएगा, भारत में संविधान ही चलेगा।”
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने इसे और तीखा बनाया: “कुछ लोग 1947 की मानसिकता में जी रहे हैं, जो देश को धर्म के आधार पर फिर बांटना चाहते हैं। BJP ऐसा नहीं होने देगी।” उन्होंने हेमंत सोरेन को चुनौती दी कि अगर हफीजूल हसन को बर्खास्त नहीं किया गया, तो BJP का आंदोलन और तेज होगा।

हफीजूल हसन का यू-टर्न, पर BJP नहीं मानी

विवाद बढ़ता देख हफीजूल हसन ने सफाई दी कि उनके बयान को “गलत समझा गया।” उन्होंने कहा, “मेरे लिए शरिया और संविधान दोनों बराबर हैं। मैं संविधान के तहत ही काम करता हूं, लेकिन शरिया का भावनात्मक महत्व है।” लेकिन BJP ने इसे “हास्यास्पद” करार देते हुए कहा, “संविधान को शरिया के बराबर रखना भी उसका अपमान है।”
BJP संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने तंज कसा, “हसन साहब, अगर शरिया और संविधान में कन्फ्यूजन है, तो हमारी सलाह है कि पहले संविधान पढ़ लें, फिर मंत्री बने रहें।”
JMM-कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल
BJP ने सत्तारूढ़ झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन की चुप्पी पर भी निशाना साधा। मरांडी ने कहा, “संविधान की दुहाई देने वाले आज खामोश क्यों हैं? क्या हफीजूल हसन का बयान उनकी मर्जी से आया? हेमंत जी, आपकी गठबंधन की पोल खुल चुकी है।”

आगे क्या?
BJP ने ऐलान किया है कि वह झारखंड के सभी जिलों में हफीजूल हसन की बर्खास्तगी की मांग को लेकर प्रदर्शन करेगी और उपायुक्तों के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगी। पार्टी ने यह भी कहा कि अगर हेमंत सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

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