पाकिस्तान सीमा से सटे राज्यों में आज मॉक ड्रिल, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

पाकिस्तान सीमा से सटे राज्यों में आज मॉक ड्रिल, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

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भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे राज्यों जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में आज, ‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। यह अभ्यास पहले 29 मई को होने वाला था, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह ड्रिल आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों को परखने के लिए की जा रही है।

इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य युद्ध या आतंकी हमले जैसी आपात स्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रशासनिक तालमेल को मजबूत करना है। ड्रिल के दौरान हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए जाएंगे, ब्लैकआउट प्रोटोकॉल का अभ्यास होगा, और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह अभ्यास 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बढ़े तनाव के मद्देनजर किया जा रहा है, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी।

मॉक ड्रिल जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और चंडीगढ़ में आयोजित होगी। पंजाब में यह ड्रिल पहले 29 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे 31 मई को कराया जाएगा। पंजाब के 17 शहरों, जिनमें अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, बठिंडा, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर, बरनाला, भाखड़ा नंगल, हलवारा, कोठकापुर, बटाला, मोहाली, अबोहर, फरिदपुर और रोपड़ शामिल हैं, जहां यह अभ्यास होगा।

केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से मॉक ड्रिल के दौरान सतर्क रहने और घबराने से बचने की अपील की है। यह अभ्यास नागरिकों को युद्ध या आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित रहने के लिए प्रशिक्षित करने का हिस्सा है। पंजाब, राजस्थान, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष रूप से हाई अलर्ट जारी किया गया है।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। भारत ने 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था। इसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों की कोशिश की, जिसे भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने नाकाम कर दिया। इसके बाद 10 मई को दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी।

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