रांची में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक, शैक्षणिक सुधार को लेकर उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

रांची : जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों, छात्र नामांकन, शिक्षक उपस्थिति, आधार एवं APAAR अपडेटेशन, पीएम पोषण योजना, शिक्षक प्रशिक्षण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में उप विकास आयुक्त श्री संजय भगत, प्रशिक्षु आईएएस सुश्री आस्था शरण, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री विनय कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री बादल राज, एडीपीओ (शिक्षा परियोजना), सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, केजीबीवी वार्डन सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
उपायुक्त ने विद्यालय से बाहर रह गए बच्चों (Out of School Children) तथा दिव्यांग बच्चों (CWSN) के शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 6 जून से 18 जून तक चल रहे विशेष नामांकन अभियान को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए तथा प्रत्येक प्रखंड से प्राप्त सूची के आधार पर नामांकन प्रक्रिया पूर्ण की जाए।
बैठक में आधार एवं APAAR ID अपडेटेशन की स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि लगभग 1.45 लाख विद्यार्थियों का आधार अपडेटेशन लंबित है। इस पर उपायुक्त ने सभी लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन तथा आधार अपडेटेशन केंद्रों को सक्रिय रखने का निर्देश दिया।
शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर उपायुक्त ने अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं सामान्य ज्ञान विषयों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष सेल के गठन का निर्देश दिया। साथ ही विद्यालयों में छात्रों एवं शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
पीएम पोषण योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। वहीं विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग का भी निर्देश दिया गया।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों एवं मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों की समीक्षा के दौरान रिक्त सीटों पर शीघ्र नामांकन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों के कक्षा 10 एवं 12 के परीक्षा परिणामों पर असंतोष व्यक्त करते हुए 100 प्रतिशत परिणाम सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि विद्यालयों की प्रगति और पठन-पाठन को प्रभावित करने वाले शिक्षकों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा विषयवार आवश्यकता के अनुसार योग्य शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के सभी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक ‘चुनावी पाठशाला’ का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया, मतदान प्रणाली एवं मतदाता जागरूकता की जानकारी दी जाएगी तथा उन्हें अपने अभिभावकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि जिले में किसी भी स्थिति में अंडर-परफॉर्मर शिक्षक नहीं रहेंगे तथा सभी शिक्षकों के कार्य निष्पादन की नियमित समीक्षा की जाएगी। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को शैक्षणिक सुधार कार्यक्रमों को समयबद्ध, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।














