Two seats, three contenders... who holds the upper hand in Jharkhand's Rajya Sabha battle? Understand the arithmetic—who will emerge victorious?

दो सीट, तीन दावेदार… झारखंड की राज्यसभा जंग में किसका पलड़ा भारी? अंकगणित समझिए, कौन मारेगा बाजी!

Two seats, three contenders... who holds the upper hand in Jharkhand's Rajya Sabha battle? Understand the arithmetic—who will emerge victorious?
Two seats, three contenders… who holds the upper hand in Jharkhand’s Rajya Sabha battle? Understand the arithmetic—who will emerge victorious?

रांची: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को होने वाला चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प और रोमांचक हो गया है। दो सीटों पर तीन उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। महागठबंधन (INDIA) की ओर से झामुमो के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा उम्मीदवार हैं, जबकि एनडीए समर्थित निर्दलीय परिमल नाथवानी चुनावी मैदान में हैं।

क्या कहता है विधानसभा का गणित?

झारखंड विधानसभा में वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के अनुसार महागठबंधन के पास लगभग 56 विधायक हैं, जबकि एनडीए के खाते में 24 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में एक उम्मीदवार को जीत के लिए करीब 28 वोटों की आवश्यकता है। ऐसे में महागठबंधन के पास अपने दोनों उम्मीदवारों को जिताने लायक संख्या मौजूद है। इस हिसाब से महागठबंधन दोनों सीटें जीत सकता है, लेकिन चुनावी राजनीति में केवल गणित ही सब कुछ नहीं होता।

फिर मुकाबला दिलचस्प क्यों?

एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। एनडीए के पास अपने दम पर जीत का आंकड़ा नहीं है, लेकिन उसकी रणनीति महागठबंधन में सेंध लगाने और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं पर टिकी हुई मानी जा रही है। यही वजह है कि दोनों खेमों ने अपने विधायकों की निगरानी और बैठकों का दौर तेज कर दिया है।

क्रॉस वोटिंग बनी सबसे बड़ी चिंता

चुनाव से पहले दोनों पक्षों में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। महागठबंधन विधायकों को मतदान प्रक्रिया की ट्रेनिंग दे रहा है, वहीं एनडीए ने भी अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति बनाई है। राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं लगातार जारी हैं।

किसका पलड़ा भारी?

अगर मतदान पूरी तरह पार्टी लाइन पर होता है तो महागठबंधन के दोनों उम्मीदवारों—बैद्यनाथ राम और प्रणव झा—की जीत लगभग तय मानी जा रही है। लेकिन यदि क्रॉस वोटिंग होती है या कुछ विधायक पक्ष बदलते हैं तो मुकाबला अचानक दिलचस्प हो सकता है। फिलहाल उपलब्ध संख्या बल के आधार पर INDIA गठबंधन बढ़त में दिखाई देता है।

राजनीतिक संदेश का चुनाव

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी सिर्फ जीत-हार का सवाल नहीं, बल्कि महागठबंधन की एकजुटता की परीक्षा भी है। यदि एनडीए अपेक्षा से अधिक वोट जुटाने में सफल रहता है तो यह भविष्य की राजनीति के लिए बड़ा संदेश होगा।

झारखंड की राज्यसभा की दो सीटों पर लड़ाई भले ही संख्या बल के हिसाब से महागठबंधन के पक्ष में दिख रही हो, लेकिन राजनीतिक जोड़-तोड़, रणनीति और संभावित क्रॉस वोटिंग ने चुनाव को रोमांचक बना दिया है। अब सबकी निगाहें 18 जून की वोटिंग और नतीजों पर टिकी हैं कि आखिर दो सीटों की इस जंग में कौन बाजी मारता है।

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now

Drishti Now

वरिष्ठ संवाददाता

झारखंड की राजनीति, प्रशासन और स्थानीय खबरों पर लंबे समय से रिपोर्टिंग कर रहे हैं।