Families are falling apart due to greed, ego, and a lack of communication: Baba Aughar Gurupad Sambhav Ram.

सर्वेश्वरी समूह : लोभ, अहंकार और संवादहीनता से टूट रहे हैं परिवार : बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम

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नविन कुमार 

वाराणसी। श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने कहा कि आज परिवारों के विघटन, दांपत्य जीवन में बढ़ते तनाव और सामाजिक असंतोष का मुख्य कारण लोभ, अहंकार और संवादहीनता है। उन्होंने कहा कि केवल महिलाओं को दोषी ठहराना उचित नहीं, बल्कि पति, परिवार और समाज सभी को आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है।

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गुरुपूर्णिमा के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन महिला एवं युवा संयुक्त सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विवाह के बाद बेटी नए परिवेश में आती है, इसलिए उसे सम्मान, सहयोग और अपनापन मिलना चाहिए। वहीं नववधू को भी नए परिवार के अनुरूप स्वयं को ढालने का प्रयास करना चाहिए। दोनों पक्षों की संवेदनशीलता से ही परिवार सुखी और मजबूत बन सकता है।

उन्होंने कहा कि अधिकांश पारिवारिक विवादों की जड़ धन का लोभ है। इसी स्वार्थपूर्ण सोच के कारण संयुक्त परिवार बिखर रहे हैं और वृद्ध माता-पिता उपेक्षा का जीवन जीने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक धन संपत्ति नहीं, बल्कि अच्छे कर्म, श्रेष्ठ संस्कार और महापुरुषों का मार्गदर्शन है।

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बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को बुद्धि और विवेक दिया है, इसलिए अंधानुकरण नहीं बल्कि समय और परिस्थिति के अनुरूप विवेकपूर्ण निर्णय लेना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है, इसलिए जीवन में सेवा, सदाचार और मानवता को अपनाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि मोह-माया का त्याग करने का अर्थ घर-परिवार छोड़ना नहीं, बल्कि लोभ, क्रोध, अहंकार, ईर्ष्या और द्वेष जैसे मनोविकारों का त्याग करना है। परिवार और समाज में संवाद, विश्वास और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि शंका रिश्तों को कमजोर कर देती है।

उन्होंने उपस्थित लोगों से महापुरुषों की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए मानवता, सेवा और सदाचार को जीवन का आधार बनाने तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए मानसिक और आध्यात्मिक रूप से तैयार रहने का आह्वान किया।

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सम्मेलन की अध्यक्षता प्रयागराज की दुर्गावती चौधरी ने की। इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष सुरेश सिंह, संतोष मिश्रा, प्रकाश पृथु गोपाल शंकर श्रीवास्तव , सोनी, स्वीटी, शैलजा शाहदेव और श्वेता श्रीवास्तव ने भी अपने विचार रखे। नीलिमा सिंह और कुमारी पूर्णिमा ने भजन प्रस्तुत किए। धन्यवाद ज्ञापन संस्था के मंत्री डॉ. एस.पी. सिंह ने किया तथा संचालन सुष्मिता ने किया।

इससे पूर्व श्री सर्वेश्वरी समूह का 65वां अखिल भारतीय वार्षिक अधिवेशन आयोजित हुआ। अधिवेशन में संस्था के मंत्री डॉ. एस.पी. सिंह और प्रचार मंत्री पारसनाथ यादव ने पिछले एक वर्ष के जनकल्याणकारी कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। साथ ही संस्था के दिवंगत सदस्यों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

अधिवेशन को संबोधित करते हुए बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने कहा कि समाज भाषणों से नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन और आचरण से प्रेरणा लेता है। किसी भी संस्था की वास्तविक प्रगति उसके पदाधिकारियों के चरित्र पर निर्भर करती है। उन्होंने नई पीढ़ी को संस्था के संस्कारों से जोड़ने, कर्मशील बनने और जीवन का प्रत्येक क्षण लोककल्याण के लिए समर्पित करने का आह्वान किया

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