प्रख्यात हॉकी कोच प्रतिमा बरवा का निधन, हॉकी जगत में शोक की लहर
झारखंड के सिमडेगा जिले की प्रसिद्ध हॉकी कोच प्रतिमा बरवा का निधन हो गया है। सिमडेगा में लगभग 15 वर्षों तक सरकार द्वारा संचालित रेजिडेंशियल हॉकी सेंटर में कोच के रूप में अपनी सेवाएँ देने वाली प्रतिमा ने भारतीय महिला हॉकी को कई रत्न दिए, जिनमें भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे, संगीता कुमारी और ब्यूटी डुंगडुंग जैसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। उनके निधन की खबर से हॉकी जगत और सिमडेगा में शोक की लहर छा गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रतिमा बरवा को सिमडेगा की हॉकी नर्सरी की नींव माना जाता है, उन्होंने अपने कोचिंग करियर की शुरुआत 2008 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NIS), पटियाला से डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद की थी। 1990 के दशक में वह स्वयं एक होनहार हॉकी खिलाड़ी थीं, लेकिन 1995 में एक गंभीर घुटने की चोट ने उनके खेल करियर को रोक दिया। इसके बावजूद, उन्होंने हॉकी के प्रति अपनी जुनून को कोचिंग के माध्यम से जीवित रखा और सिमडेगा के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली प्रतिभाओं को तराशकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया।
उनके मार्गदर्शन में सलीमा टेटे ने न केवल भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तानी हासिल की, बल्कि 2023 में हॉकी इंडिया अवार्ड फॉर प्लेयर ऑफ द ईयर और 2024 में अर्जुन पुरस्कार भी प्राप्त किया। संगीता कुमारी और ब्यूटी डुंगडुंग जैसी खिलाड़ियों ने भी उनके प्रशिक्षण में अपनी प्रतिभा को निखारा और भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई। प्रतिमा की कोचिंग का प्रभाव तब और स्पष्ट हुआ जब 2015 में सिमडेगा में एस्ट्रोटर्फ मैदान की स्थापना के बाद उनके सेंटर से 8-10 खिलाड़ी झारखंड की राज्य टीम में शामिल हुए।
प्रतिमा का जीवन चुनौतियों से भरा रहा। 1995 में चोट के बाद, उन्होंने कोविड-19 और आंशिक पक्षाघात जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना किया, जिसके कारण उन्हें बोलने में कठिनाई हुई। फिर भी, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने खिलाड़ियों को प्रेरित करती रहीं।
हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, “प्रतिमा मैम ने सिमडेगा को हॉकी का गढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कमी को भरना असंभव है।” झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी ट्वीट कर श्रद्धांजलि अर्पित की, “प्रतिमा बरवा जी का निधन झारखंड और भारतीय हॉकी के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।”
















