सिमडेगा डीसी के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी की कोशिश, प्रशासन ने की सतर्क रहने की अपील
शंभू कुमार सिंह
झारखंड के सिमडेगा जिले में साइबर अपराधियों ने उपायुक्त (डीसी) कंचन सिंह की तस्वीर का दुरुपयोग कर फर्जी फेसबुक आईडी बनाई है। इस आईडी को पूजा कुमारी के नाम से बनाया गया है, जिसमें डिप्टी कलेक्टर का पद भी दर्शाया गया है। इस फर्जी अकाउंट से कई लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही है, जिससे ठगी की आशंका जताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (आईपीआरडी) के पदाधिकारी पलटू महतो ने बताया कि डीसी कंचन सिंह की तस्वीर का उपयोग कर बनाए गए इस फर्जी फेसबुक अकाउंट की जानकारी मिलते ही सिमडेगा थाने में शिकायत दर्ज की गई है। उन्होंने साइबर सेल से इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पलटू महतो ने नागरिकों से अपील की है कि इस तरह के संदिग्ध अकाउंट से प्राप्त फ्रेंड रिक्वेस्ट या मैसेज को स्वीकार न करें और तुरंत ब्लॉक कर इसकी सूचना प्रशासन को दें।
डीसी कंचन सिंह ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें फर्जी फेसबुक आईडी के बारे में जानकारी मिली है और इस संबंध में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे किसी भी अनधिकृत सोशल मीडिया अकाउंट पर भरोसा न करें और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
सदर थाना प्रभारी एस. रजक ने बताया कि साइबर सेल ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। फर्जी आईडी बनाने वाले की पहचान और उसके मंसूबों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही दोषियों को पकड़ा जाएगा।
प्रशासन की अपील :
* किसी भी संदिग्ध फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट या मैसेज प्राप्त होने पर उसे तुरंत ब्लॉक करें।
* ऐसी घटनाओं की सूचना साइबर सेल, सिमडेगा थाना या जिला जनसंपर्क कार्यालय को दें।
* राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
* किसी भी अनधिकृत अकाउंट के साथ निजी जानकारी, ओटीपी या बैंक विवरण साझा न करें।
यह पहला मामला नहीं है जब झारखंड में प्रशासनिक अधिकारियों के नाम पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए हों। इससे पहले पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो और हजारीबाग जैसे जिलों में भी डीसी और अन्य अधिकारियों के नाम से फर्जी आईडी बनाकर ठगी की कोशिशें हो चुकी हैं।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्कता बरतने और सोशल मीडिया पर प्राप्त संदिग्ध संदेशों की पुष्टि करने की सलाह दी है। साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है।


















