लोहरदगा में गरीबों का राशन बन रहा भ्रष्टाचार की भेंट, डीलरों से 1500 रुपये तक वसूली और बोरे में घटतौली का खेल !

लोहरदगा में गरीबों का राशन बन रहा भ्रष्टाचार की भेंट, डीलरों से 1500 रुपये तक वसूली और बोरे में घटतौली का खेल !

लोहरदगा में गरीबों का राशन बन रहा भ्रष्टाचार की भेंट, डीलरों से 1500 रुपये तक वसूली और बोरे में घटतौली का खेल !

लोहरदगा में गरीबों का राशन बन रहा भ्रष्टाचार की भेंट, डीलरों से 1500 रुपये तक वसूली और बोरे में घटतौली का खेल !
In Lohardaga, the ration of the poor is becoming a gift of corruption, extortion of up to Rs 1500 from dealers and a game of reducing the bags!

लोहरदगा (आनन्द कुमार सोनी):

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

लोहरदगा जिले में इन दिनों लगातार खाद्यान्न गोदामों और राशन दुकानों पर जांच अभियान चल रहा है, जिसे लोग सराह रहे हैं। लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या इन जांचों का दायरा उन अनियमितताओं तक पहुंच रहा है, जिनकी चर्चा डीलरों के बीच आम है?

सूत्रों के मुताबिक, जिले के लगभग हर राशन डीलर से 1300 से 1500 रुपये तक “ऑफिस मैनेज” के नाम पर वसूली की जाती है। यह बात कई डीलरों ने लिखित बयान में भी स्वीकार की है।

डीलरों का आरोप है कि उन्हें राशन बोरे समेत तौलकर दिया जाता है, जबकि बोरे का वजन 500 से 600 ग्राम तक होता है। ऐसे में हजारों बोरे अनाज के हिसाब से कई क्विंटल अनाज गरीबों के हक से काट लिया जाता है। सवाल ये है कि आखिर ये अनाज जाता कहां है और किसके हिस्से में आता है?

डीलरों का कहना है कि वे गोदाम मैनेजर तक को नहीं जानते। नाम ना छापने की शर्त पर कुछ डीलरों ने बताया कि गोदाम में तौल लिखने वाले कर्मचारी भी प्रत्येक डीलर से 100-150 रुपये नकद वसूलते हैं।

जनता और डीलर दोनों चाहते हैं कि इन सभी गड़बड़ियों की गहन और निष्पक्ष जांच हो, ताकि गरीबों तक उनका पूरा हक पहुंच सके।

 

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now