हजारीबाग: फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन का राज्य स्तरीय सम्मेलन संपन्न, सांसद मनीष जायसवाल ने किया डीलरों की मांगों का समर्थन
दीपक गुप्ता
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग स्थित मुद्रिका कुंज हॉल में ‘फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन’ का भव्य राज्य स्तरीय सम्मेलन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में अपनी विभिन्न लंबित मांगों, विशेषकर कमीशन में बढ़ोतरी और समय पर भुगतान को लेकर राज्य भर के जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानदार एकजुट हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल और स्थानीय विधायक प्रदीप प्रसाद शामिल हुए।
सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव के नेतृत्व में झारखंड के सभी जिलों से 10,000 से अधिक पीडीएस डीलर पहुंचे। गौरतलब है कि पूरे राज्य में 25,000 से अधिक राशन डीलर इस संगठन से जुड़े हैं।
राज्य सरकार की विफलता के कारण डीलरों को हो रही परेशानी: सांसद
डीलरों को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने उनके काम की सराहना की और कहा कि देश भर के डीलर गरीबों का पेट पालने का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। कमीशन में देरी को लेकर उन्होंने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया।
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा– “यदि डीलरों के कमीशन में बढ़ोतरी नहीं हो रही है और उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है, तो इसकी सीधी जवाबदेही राज्य सरकार की है। केंद्र सरकार की ओर से राशि का भुगतान समय पर कर दिया जाता है, लेकिन राज्य सरकार उस राशि का यूटिलाइजेशन (उपयोग) समय पर नहीं कर पा रही है। इसी वजह से डीलरों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।”
सांसद ने संगठन की ताकत की सराहना करते हुए कहा कि एकता में ही बल है। उन्होंने डीलरों को आश्वस्त किया कि वे संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करें, उनका पूरा समर्थन डीलरों के साथ रहेगा।
डीलर संघ ने सौंपा 8 सूत्री मांग पत्र
सम्मेलन के दौरान फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सांसद मनीष जायसवाल को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए एक 8 सूत्री मांग पत्र सौंपा।
प्रमुख मांगें :
पीडीएस डीलरों के कमीशन (लाभांश) में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए।
बकाया और चालू कमीशन की राशि का हर महीने समय पर भुगतान सुनिश्चित हो।
डीलरों की अन्य व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं का त्वरित निवारण किया जाए।
जाहिर है इस सम्मेलन के माध्यम से डीलरों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने अधिकारों के लिए आंदोलन को और तेज करेंगे।


















