बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन की तीसरी बैठक, JMM को फिर नहीं मिला न्योता
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच आज पटना में इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राजद नेता और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के पोलो रोड स्थित आवास पर हुई, जिसमें गठबंधन के प्रमुख सहयोगी दलों जैसे कांग्रेस, राजद, सीपीआई, और सीपीआई (एमएल) के नेताओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना और साझा घोषणापत्र पर चर्चा करना था। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक में एक बार फिर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को न्योता नहीं दिया गया, जिससे JMM के नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, JMM बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगी और उसने महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई थी। लेकिन, गठबंधन की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने पर JMM ने नाराजगी जाहिर की है। पहले भी JMM को गठबंधन की बैठकों में शामिल नहीं किया गया था, और आज की तीसरी बैठक में भी उनकी अनुपस्थिति ने इस बात को और पुख्ता किया। मिली जानकारी के मुताबिक JMM ने साफ किया है कि वह हर हाल में बिहार में 12 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू ने हाल ही में बयान दिया था कि उनकी पार्टी JMM को बिहार में सीटें दिलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हम सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि JMM को महागठबंधन में शामिल किया जाए। लेकिन, आज की बैठक में JMM की गैरमौजूदगी से साफ है कि सीट बंटवारे को लेकर गठबंधन में अभी सहमति नहीं बन पाई है।
इसके अलावा, गठबंधन के सामने सीट बंटवारे का मुद्दा भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। AIMIM जैसी अन्य पार्टियां भी महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जता चुकी हैं, लेकिन राजद ने स्पष्ट किया है कि वह “नफरत की राजनीति” से दूरी बनाए रखना चाहता है।
JMM की ओर से बार-बार नजरअंदाज किए जाने के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि वह बिहार में कांग्रेस के सहयोग से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर सकती है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि JMM की नाराजगी महागठबंधन के लिए नुकसानदायक हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां JMM का प्रभाव है। दूसरी ओर, JMM ने यह भी संकेत दिया है कि अगर गठबंधन में जगह नहीं मिली, तो वह स्वतंत्र रूप से या अन्य छोटे दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है।
बैठक में महागठबंधन ने बीजेपी-नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन को कड़ी चुनौती देने के लिए एकजुट और आक्रामक रणनीति पर जोर दिया। सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन ने मतदाता सूची संशोधन और चुनाव आयोग के नए दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा की। तेजस्वी यादव ने पहले आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में करोड़ों लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं, जिसे उन्होंने चुनाव आयोग की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करार दिया था।

















