लोकसभा में आज अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक उपलब्धि पर विशेष चर्चा
नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की प्रगति को लेकर आज लोकसभा में एक विशेष चर्चा का आयोजन किया जाएगा। यह चर्चा ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में अंतरिक्ष कार्यक्रम की भूमिका पर केंद्रित होगी, जिसमें शुक्ला के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) मिशन की सफलता को रेखांकित किया जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शुभांशु शुक्ला, जो नासा के एक्सिओम-4 मिशन के तहत 25 जून 2025 को अंतरिक्ष रवाना हुए थे, ने 18 दिन के मिशन के दौरान 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग और 20 आउटरीच सत्र आयोजित किए। वह 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौटे और रविवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत हुआ। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, इसरो प्रमुख वी. नारायणन और शुक्ला की पत्नी कामना व बेटे कियाश सहित कई लोग उनकी अगवानी के लिए मौजूद थे।
लोकसभा में होने वाली इस चर्चा का विषय है “अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर भारत का पहला अंतरिक्ष यात्री विकसित भारत 2047 के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम की भूमिका।” यह चर्चा भारत के अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में बढ़ती ताकत को प्रदर्शित करने के साथ-साथ गगनयान मिशन और भारत के स्वयं के अंतरिक्ष स्टेशन की दिशा में प्रगति पर भी प्रकाश डालेगी।l
शुभांशु शुक्ला, राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। उनके मिशन को अंतरिक्ष विभाग ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया है, जो भारत की मानव अंतरिक्ष यात्रा में मजबूत दावेदारी का प्रतीक है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्ला की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह एक पूरी पीढ़ी को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी और गगनयान मिशन के लिए सहायक सिद्ध होगी।















