एचआईवी संक्रमित खून कांड पर भाजपा का हेमंत सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी धरना, बाबूलाल मरांडी बोले- जनता जान की हिफाजत के लिए हेमंत सरकार को सबक सिखाए
रांची : झारखंड के चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस हृदय विदारक घटना के खिलाफ प्रदेश भाजपा ने आज पूरे राज्य में धरना प्रदर्शन किया और महामहिम राज्यपाल के नाम उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने इस मामले की सीबीआई जांच तथा दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों को जेल भेजने और कठोर सजा दिलाने की मांग की।
घाटशिला उपचुनाव में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि “हेमंत सरकार जनता को जिंदगी नहीं, मौत परोस रही है। गरीब लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में जाते हैं, लेकिन यह सरकार इलाज के नाम पर मौत दे रही है।”
मरांडी ने राज्य सरकार को लापरवाह और संवेदनहीन बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 13 जनवरी 2021 को ही राज्य के ब्लड बैंकों की स्थिति पर चिंता जताते हुए जांच कराने का आग्रह किया था। केंद्र ने चेताया था कि राज्य में कई ब्लड बैंक अवैध रूप से चल रहे हैं और खून का व्यापार हो रहा है, लेकिन राज्य सरकार ने उस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार चार वर्षों तक सोती रही, जिसका नतीजा आज सामने है। “थैलेसीमिया पीड़ित मासूम बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाकर मौत दी गई — यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि मानवीय अपराध है,” मरांडी ने कहा।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अब यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे राज्य में खून की सप्लाई और जांच प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने मांग की कि राज्य के सभी ब्लड बैंकों में हुई धांधली की सीबीआई जांच या फिर उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से जांच कराई जाए।
मरांडी ने दोषी अधिकारियों को जेल भेजने, भ्रष्ट और निकम्मे स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता अब इस संवेदनहीन हेमंत सरकार को सबक सिखाने के लिए तैयार है।


















