ओवैसी की पार्टी ने चौंकाया, 5 सीटों पर AIMIM की शानदार जीत
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने एक बार फिर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) को सीमांचल क्षेत्र में मजबूत आधार प्रदान किया है। 25 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली AIMIM ने 5 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की, जो 2020 के प्रदर्शन के बराबर है। ये सभी जीतें मुस्लिम बहुल सीमांचल की सीटों पर आई हैं, जहां पार्टी ने महागठबंधन के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, AIMIM ने अमौर, बहादुरगंज, बायसी, जोकीहाट और कोचाधामन सीटों पर कब्जा जमाया। इन जीतों ने न केवल पार्टी को विधानसभा में मजबूत स्थिति दी, बल्कि एनडीए को अप्रत्यक्ष फायदा पहुंचाया, क्योंकि मुस्लिम वोटों का बंटवारा महागठबंधन के लिए नुकसानदेह साबित हुआ।
2020 में AIMIM ने 14 सीटों पर चुनाव लड़ा था और इन्हीं 5 सीटों पर जीत हासिल की थी। हालांकि, बाद में 4 विधायक राजद में शामिल हो गए थे, जिससे पार्टी की विधायी ताकत कमजोर हुई। इस बार 25 सीटों पर उतरकर पार्टी ने वोट शेयर को 1.3% से बढ़ाकर लगभग 2% कर लिया।
AIMIM का फोकस सीमांचल की मुस्लिम बहुल 24 सीटों पर रहा, जहां पार्टी ने चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी और स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ तीसरा मोर्चा बनाया। विशेषज्ञों के अनुसार, मुस्लिम वोटों का बंटवारा महागठबंधन (राजद-कांग्रेस) के लिए घातक साबित हुआ। 2020 की तरह इस बार भी कई सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रह गए।

















