नीतीश कुमार कल लेंगे 10वीं बार सीएम की शपथ, नई कैबिनेट में 20-30 मंत्री संभावित; फोन कॉल का इंतजार
पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया है और वे कल (20 नवंबर) सुबह 11:30 बजे पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण समारोह एनडीए की प्रचंड विजय का प्रतीक बनेगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
बुधवार को नीतीश कुमार ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही उन्होंने एनडीए के सभी सहयोगियों के समर्थन पत्र के साथ नई सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया। एनडीए विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया, जिसमें भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम(सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक शामिल हुए। लोकसभा चुनाव 2025 के मतगणना (14 नवंबर) में एनडीए ने 243 सीटों वाली विधानसभा में 202 सीटें हासिल कीं है, वहीं महागठबंधन को महज 35 सीटें ही नसीब हुईं।
नई कैबिनेट में कुल 20 से 31 मंत्री (मुख्यमंत्री सहित) शपथ ले सकते हैं, जिसमें भाजपा और जदयू को बराबर प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। एनडीए स्रोतों के अनुसार, सभी नाम तय हो चुके हैं, लेकिन अंतिम फोन कॉल का इंतजार है। कल सुबह जिस विधायक को फोन आएगा, वही कैबिनेट में जगह बना लेगा। जाति और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
संभावित मंत्रियों की सूची (एनडीए स्रोतों के आधार पर):
भाजपा से: सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री, दूसरी बार), विजय कुमार सिन्हा (उपमुख्यमंत्री, दूसरी बार), मंगल पांडे, नीतीश मिश्रा, रेणु देवी, नितिन नवीन।
जदयू से: विजय कुमार चौधरी, बीजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह।
लोजपा(आरवी) से: चिराग पासवान के करीबी राजू तिवारी (एक), और दो अन्य संभावित।
हम(सेक्युलर) से: जितन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन (एक)।
रालम से: उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा (एक)।
कुल मिलाकर, कैबिनेट में 35-36 सदस्यों का लक्ष्य है, जिसमें भाजपा को 15-16, जदयू को 13-14, लोजपा को 3, और बाकी सहयोगियों को 1-1 बर्थ मिल सकती है। विधानसभा स्पीकर पद पर भी भाजपा-जदयू के बीच दावा हो रहा है।


















