घोर कलयुग: मां का शव आंगन में पड़ा था, बेटों ने कहा- पहले संपत्ति बंटवारा, फिर अंतिम संस्कार

घोर कलयुग: मां का शव आंगन में पड़ा था, बेटों ने कहा- पहले संपत्ति बंटवारा, फिर अंतिम संस्कार

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घोर कलयुग: मां का शव आंगन में पड़ा था, बेटों ने कहा- पहले संपत्ति बंटवारा, फिर अंतिम संस्कार

हजारीबाग, 28 दिसंबर : झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र के बरसोत गांव में संपत्ति के लालच में पुत्रों की संवेदनहीनता ने मानवता को शर्मसार कर दिया। मां की मौत के बाद शोक में डूबे पिता को सांत्वना देने आए ग्रामीणों के सामने ही बेटों ने मां के शव के सामने संपत्ति बंटवारे की मांग कर दी और अंतिम संस्कार रोकने की धमकी दी।

मना करने पर वृद्ध पिता के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।घटना 26 दिसंबर की है। गांव निवासी लोकी महतो की पत्नी शांति देवी (75 वर्ष) का निधन हो गया। शोकाकुल लोकी महतो को सांत्वना देने ग्रामीण जुटे थे और अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान उनके पुत्रों ने मांग की कि मां के अंतिम संस्कार से पहले पिता जमीन-जायदाद का बंटवारा कर उन्हें हिस्सा दें। ऐसा नहीं होने पर शव को श्मशान घाट नहीं ले जाने देने की धमकी दी।पिता लोकी महतो ने मांग टाल दी तो पुत्रों ने मिलकर उन पर हमला कर दिया।

वृद्ध पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच-बचाव करने आए रिश्तेदारों के साथ भी मारपीट हुई। बाद में रिश्तेदारों ने घायल लोकी महतो को बरही अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाकर इलाज कराया।इस घटना से पूरा गांव स्तब्ध है। गांव मुखिया मोतीलाल चौधरी की अध्यक्षता में पंचायत बैठी। मुखिया और पंचों के काफी समझाने-बुझाने के बाद पुत्रों ने अंततः मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने और शव को श्मशान ले जाने की सहमति दी।

इससे शांति देवी का अंतिम संस्कार हो सका। ग्रामीण इस संवेदनहीन व्यवहार की घोर निंदा कर रहे हैं।दूसरी ओर, पीड़ित पिता लोकी महतो ने बरही थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें दोनों पुत्र गुलाब चंद्र प्रसाद और देवेंद्र प्रसाद, बहूएं रितु प्रसाद व निक्की प्रसाद तथा पौत्र दीपक प्रसाद को नामजद आरोपी बनाया गया है।

 

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