माँ के श्राद्ध के बाद पिता की निधन , पिता का श्राद्धकर्म लौटे बेटे का एक्सीडेंट , बेटी भी हादसे का शिकार एक परिवार पर दुखो का पहाड़ ,पूरा गांव सन्न
माँ के श्राद्ध के बाद पिता की निधन , पिता का श्राद्धकर्म लौटे बेटे का एक्सीडेंट , बेटी भी हादसे का शिकार एक परिवार पर दुखो का पहाड़ ,पूरा गांव सन्न

एक महीने में परिवार उजड़ गया: बांका के अनुपम कुमार ने पहले मां-पिता खोए, फिर खुद और बेटी की कोहरे में मौत
बिहार के बांका जिले के रजौन निवासी अनुपम कुमार के परिवार पर पिछले एक महीने में नियति ने ऐसा कहर बरपाया है कि सुनकर रूह कांप जाती है। महज 30 दिनों के अंदर इस परिवार ने चार सदस्यों को खो दिया।सबसे पहले 12 दिसंबर को अनुपम की मां का निधन हुआ। उनका श्राद्धकर्म 23 दिसंबर को पूरा हुआ। इसके महज चार दिन बाद 27 दिसंबर को उनके पिता भी चल बसे। जिस बेटे ने माता-पिता का अंतिम संस्कार किया और श्राद्ध पूर्ण कर लौटा, वही काल का ग्रास बन गया।
भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त अनुपम कुमार (52) हाल ही में हरियाणा के फरीदाबाद स्थित केनरा बैंक में नई नौकरी ज्वाइन करने वाले थे। परिवार के साथ सोमवार (11 जनवरी 2026) को वे फरीदाबाद की ओर जा रहे थे। रास्ते में पटना के बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन पर घने कोहरे के कारण उनकी कार एक खड़े कंटेनर से टकरा गई।इस भीषण हादसे में अनुपम कुमार और उनकी बेटी आस्था (25) की मौके पर ही मौत हो गई।
अनुपम का सिर बुरी तरह कुचल गया, जबकि आस्था की मौत बेहद दर्दनाक तरीके से हुई। उनकी पत्नी और बेटा गंभीर रूप से घायल हैं और इलाजरत हैं।एक महीने में मां, पिता, बेटा और पोती/बेटी को खोकर यह परिवार पूरी तरह उजड़ गया। स्थानीय लोग इस त्रासदी से सदमे में हैं।

















