सरायकेला में मातम: श्राद्ध कार्यक्रम में बरपा आसमानी कहर, मासूम रोशनी और सोनू सरदार की दर्दनाक मौत

सरायकेला: जिले के मुड़कुम पंचायत अंतर्गत नुआगुड़ा गांव में रविवार का दिन खुशियों की जगह एक गहरे अंधकार और सन्नाटे के साथ ढला। गांव में एक महिला के श्राद्ध कर्म के दौरान गिरी आकाशीय बिजली ने ऐसा कहर बरपाया कि देखते ही देखते पूरा आंगन चीख-पुकार और मातम में तब्दील हो गया। इस हादसे में 9 वर्षीय रोशनी सुरेन और 32 वर्षीय सोनू सरदार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, नुआगुड़ा गांव में एक परिवार अपनी स्वजन के श्राद्ध कर्म में जुटा था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार शामिल हुए थे। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना के साथ बिजली सीधे कार्यक्रम स्थल पर गिरी। बिजली की चपेट में आते ही वहां मौजूद लोग अचेत होकर गिर पड़े। कुछ ही पलों में घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
बेटी ने मां के श्राद्ध के बाद दुनिया को कहा अलविदा
यह घटना इतनी मार्मिक है कि हर किसी की आंखें नम हैं। 9 वर्षीय रोशनी सुरेन, जिसने बहुत पहले ही अपने पिता को खो दिया था, अपनी मां को अंतिम विदाई देने के लिए श्राद्ध में शामिल हुई थी। नियति का खेल देखिए, जिस दिन उसने अपनी मां को इस दुनिया से विदा किया, उसी दिन वह खुद भी काल के गाल में समा गई। एक ही परिवार में हुए इस दोहरे नुकसान ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है।
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प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। एंबुलेंस की मदद से घायलों—जिसमें 6 वर्षीय मालती सुरेन और बेबी सुरेन सहित अन्य शामिल हैं—को आनन-फानन में सरायकेला सदर अस्पताल पहुँचाया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
गांव में पसरा सन्नाटा
जिस घर में कुछ घंटों पहले शांति पाठ की गूंज थी, वहां अब अपनों को खोने का असहनीय दर्द है। नुआगुड़ा गांव में हर ओर सन्नाटा पसरा है और लोग इस दर्दनाक संयोग को बयां करने के लिए शब्द नहीं पा रहे हैं।

















