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बाल श्रम उन्मूलन अभियान: संयुक्त टीम ने प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, कोई बाल श्रमिक नहीं मिला

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के निर्देश और जिला विधिक सेवा प्राधिकार सिमडेगा की सचिव मरियम हेमरोम के मार्गदर्शन में जिले में अखिल भारतीय बचाव एवं पुनर्वास अभियान (जनवरी–मार्च 2026) के तहत बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए लगातार जागरूकता और निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बाल कल्याण समिति एवं श्रम अधीक्षक कार्यालय की संयुक्त टीम ने सलडेगा क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने दुकानों, होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों में जाकर बाल श्रम की स्थिति की गहन जांच की। साथ ही, प्रतिष्ठान संचालकों को बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम के प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

निरीक्षण के दौरान टीम को किसी भी प्रतिष्ठान में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे काम करते हुए नहीं मिले, जिसे टीम ने पूरी तरह संतोषजनक बताया। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की कि किसी भी स्थिति में बच्चों से मजदूरी या कोई कार्य नहीं कराया जाए। यदि कहीं बाल श्रम की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम ने कहा, “बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जिसे समाप्त करने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और उनका सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से जिले में नियमित जागरूकता कार्यक्रम और निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं।”

निरीक्षण दल में श्रम अधीक्षक कार्यालय और बाल कल्याण समिति के अधिकारी, पैरा लीगल वॉलंटियर्स सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। यह अभियान झारखंड में बाल श्रम मुक्त समाज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जहां प्रशासन सतर्कता और जागरूकता के माध्यम से बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

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