सड़क है तैयार ...लागत 10 करोड़ ....मगर 40 मीटर पाइपलाइन ने अटकाया "आसान" सफर

सड़क है तैयार …लागत 10 करोड़ ….मगर 40 मीटर पाइपलाइन ने अटकाया “आसान” सफर

सड़क है तैयार …लागत 10 करोड़ ….मगर 40 मीटर पाइपलाइन ने अटकाया “आसान” सफर

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सड़क है तैयार ...लागत 10 करोड़ ....मगर 40 मीटर पाइपलाइन ने अटकाया "आसान" सफर

रांची: डिबडीह रेलवे क्रॉसिंग पर रोजाना लगने वाले लंबे जाम से राहत दिलाने वाली बहुप्रतीक्षित वैकल्पिक सड़क अब महज 40 मीटर लंबी पाइपलाइन के कारण अंतिम चरण में अटक गई है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह 890 मीटर लंबी और 30 फीट चौड़ी अप्रोच रोड का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की पाइपलाइन शिफ्ट न होने से ब्लैकटॉपिंग (कालीकरण) का काम रुक गया है।

सात साल की मशक्कत के बाद भी इंतजार

डिबडीह रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास तो पांच साल पहले बनकर तैयार हो चुका था, लेकिन अप्रोच रोड न बनने के कारण इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हो सका। करीब सात वर्षों से यह प्रोजेक्ट लंबित था। हाल ही में रेलवे और मेकान की 4.54 एकड़ जमीन उपलब्ध होने के बाद काम में तेजी आई, लेकिन अब विभागीय समन्वय की कमी ने फिर रुकावट डाल दी है।स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की शिकायत है कि छोटी-सी अड़चन पूरे प्रोजेक्ट को प्रभावित कर रही है।अगर पाइपलाइन शीघ्र हटा ली जाए, तो अप्रैल में ही इस सड़क को ट्रैफिक के लिए खोलने का लक्ष्य है।

बिरसा चौक और हिनू में जाम से मिलेगी बड़ी राहत

नई वैकल्पिक सड़क शुरू होते ही डिबडीह रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन आने पर फाटक बंद होने का इंतजार खत्म हो जाएगा। इससे बिरसा चौक, हिनू, डोरंडा और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।यह सड़क रांची के स्मार्ट सिटी मिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, लेकिन विभागों के बीच तालमेल न बन पाने से बार-बार ऐसी देरी हो रही है।

क्या कहते हैं अधिकारी?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पथ निर्माण विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि पेयजल विभाग से पाइपलाइन शिफ्टिंग का काम जल्द पूरा करवाया जाएगा। दोनों विभागों के बीच जल्द बैठक बुलाकर मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।

जनता की मांग:

स्थानीय निवासी चाहते हैं कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों विभागों को समन्वय में काम करने का निर्देश दे, ताकि करोड़ों रुपये की इस परियोजना का लाभ आम लोगों को समय पर मिल सके।

 

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